कृषि रोड मैप से किसानों की आय दोगुना करने का होगा प्रयास

कृषि मंत्री ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक वर्ष 19-20 से क्रमिक रूप से चकबंदी का कार्य शुरू किया जायेगा छपरा (सदर) : जैविक खेती, खाद्य सुरक्षा, पोषण सुरक्षा, समावेशी विकास से किसानों की आमदनी दोगुना करते हुए लक्ष्य को हासिल करने की जरूरत है. इंद्रधनुषी क्रांति के तहत कृषि, मत्स्य, पशु, गन्ना उत्पादन, […]

कृषि मंत्री ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

वर्ष 19-20 से क्रमिक रूप से चकबंदी का कार्य शुरू किया जायेगा
छपरा (सदर) : जैविक खेती, खाद्य सुरक्षा, पोषण सुरक्षा, समावेशी विकास से किसानों की आमदनी दोगुना करते हुए लक्ष्य को हासिल करने की जरूरत है. इंद्रधनुषी क्रांति के तहत कृषि, मत्स्य, पशु, गन्ना उत्पादन, भूभि सुधार, लघु जल संसाधन, पर्यावरण के क्षेत्र में वर्ष 2017 से 2022 तक कृषि रोड मैप के तहत विकास करना है. यह निर्देश कृषि रोड मैप की जिला स्तरीय समीक्षा के दौरान बिहार सरकार के कृषि मंत्री प्रेम कुमार, कृषि उत्पादन आयुक्त सुनील कुमार सिंह, प्रमंडलीय आयुक्त नर्मदेश्वर लाल आदि ने संबंधित सभी विभागों के पदाधिकारियों को दिया.
समीक्षा के दौरान बिहार राज्य उद्यमिता विकास कार्यक्रम के तहत बीज उत्पादन, भंडारण प्रसंस्करण और विपणन में स्थानीय निजी उद्यमियों को बढ़ावा देने तथा प्रत्येक जिले के लिए मुख्य बागबानी फसल को चिह्नित करने की भी जानकारी राज्य मुख्यालय से आये पदाधिकारियों ने दी. नीलगाय, जंगली सूअर आदि से फसलों की बर्बादी रोकने के लिए सोलर, बिजली चालित बायोएकौस्टिक को बढ़ावा देने पर भी बल दिया गया. जिले में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए पशुओं के नस्ल सुधार, सरकारी गोशालाओं को मॉडल गोशाला के रूप में विकसित करने के संबंध में भी जानकारी दी गयी. 250 की आबादी वाले सड़क विहीन मुहल्लों में भी पीएमजीएस, एमएम जीएस के तहत सड़क बनाने पर बल दिया गया.
2019-20 से शुरू होगा भूमि का चकबंदी कार्य : समीक्षा के दौरान यह बात भी बतायी गयी कि भूमि के सर्वेक्षण का कार्य पूरा होते ही वर्ष 19-20 से क्रमिक रूप से चकबंदी का कार्य शुरू किया जायेगा. विभिन्न चरणों में जिला अभिलेखागार को डिजिटल लाइब्रेरी के रूप में परिवर्तित किया जायेगा. ऑपरेशन बसेरा के तहत महादलित परिवार को तीन डिसमिल जमीन उपलब्ध करायी जायेगी. समीक्षा बैठक के दौरान कृषि विभाग के निदेशक अरविंद सिंह, भू संरक्षण के निदेशक गुलाब यादव, डीएम हरिहर प्रसाद, संयुक्त कृषि निदेशक सारण विज्येंद्र चौधरी के अलावा कृषि, पशु एवं मत्स्य संसाधन, जल संसाधन, लघु जल संसाधन, सहकारिता, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, राजस्व एवं भूमि सुधार, पर्यावरण एवं वन्य आदि तमाम विभागों के पदाधिकारी मौजूद थे.

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