कभी हो सकती है अप्रिय घटना
छपरा(सारण) : गंगा नदी के तटवर्ती इलाकों में बालू माफियाओं पर पुलिस के शिकंजा कसने के बाद सरयू नदी के तटवर्ती इलाकों में बालू माफिया सक्रिय हो गये हैं और इसमें पुलिस की भूमिका जगजाहिर है. सरयू नदी का तटवर्ती इलाका सबसे ज्यादा रिविलगंज तथा मांझी थाना क्षेत्र में है. सरयू नदी के तटवर्ती इलाकों में बालू का सबसे अधिक कारोबार हो रहा है. रिविलगंज थाना क्षेत्र में दिन में ही उजला बालू का खनन किया जा रहा है. सेमरिया स्थित श्रीनाथ बाबा मंदिर घाट पर ट्रैक्टर पर बालू की लोडिंग कर ढुलाई की जा रही है. इसी तरह जान टोला, सेंगर टोला, बीन टोलिया और धर्मनाथ मंदिर के पास सरयू नदी में उजले बालू का खनन किया जा रहा है
और छपरा शहर समेत जिले के अन्य स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. उजले बालू का अवैध खनन नदी के उत्तरी तट पर हो रहा है जबकि दक्षिणी तट पर लाल बालू का अवैध कारोबार हो रहा है. दक्षिणी तट सिताबदियारे में लाल बालू का अवैध कारोबार पुलिस की मिलीभगत से चल रहा है. जिस क्षेत्र में बालू का अवैध कारोबार हो रहा है वह बिहार का इलाका है. बालू का खनन बिहार के इलाके में होता है और नदी के रास्ते सिताबदियारा में ले जाकर उतारा जाता है और वहां से ट्रक व ट्रैक्टर पर लादकर उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में ले जाया जाता है. लेकिन, रिविलगंज पुलिस वरीय अधिकारियों को यह कहकर गुमराह कर रही है कि बालू का कारोबार उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में किया जा रहा है. वरीय अधिकारियों ने इसकी जांच की तो पता चला कि बालू का कारोबार बिहार में ही किया जा रहा है. इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई अब तक नहीं की गयी है.
रिविलगंज थाना क्षेत्र के दारोगा राय के डेरा दियारा क्षेत्र में बालू का अवैध कारोबार करने वालों के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है. इसको लेकर एक सप्ताह पहले मारपीट की घटना हुई थी. वैसे इस मामले में गोलीबारी की प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है लेकिन पुलिस का कहना है कि गोली नहीं चली थी. लोगों में चर्चा है कि हत्या के मामले में फरार कई अपराधी बालू का कारोबार कर रहे हैं.
