बालू के खेल में फंस सकते हैं कई अधिकारी !

आर्थिक अपराध इकाई के निशाने पर हैं सारण के कई अधिकारी बालू माफियाओं को भी किया जा रहा है चिह्नित छपरा(सारण) : जिले के कई अधिकारी तथा बालू माफियाओं पर आर्थिक अपराध इकाई की गाज गिर सकती है. आर्थिक अपराध इकाई की टीम जिले के कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए साक्ष्य जुटाने में […]

आर्थिक अपराध इकाई के निशाने पर हैं सारण के कई अधिकारी

बालू माफियाओं को भी किया जा रहा है चिह्नित
छपरा(सारण) : जिले के कई अधिकारी तथा बालू माफियाओं पर आर्थिक अपराध इकाई की गाज गिर सकती है. आर्थिक अपराध इकाई की टीम जिले के कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए साक्ष्य जुटाने में लगी है और बालू माफियाओं को चिह्नित किया जा रहा है. तत्कालीन डीएम दीपक आनंद पर आर्थिक अपराध इकाई ने बालू माफियाओं से सांठ-गांठ रखने का खुलासा के बाद कार्रवाई की है. आइएएस दीपक आनंद के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी में जो अभिलेख मिले हैं,
उसके तार सारण के कई अधिकारियों से जुड़े हुए हैं और इसी के आधार पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है. दीपक आनंद के कार्यकाल में तैनात खनन व परिवहन विभाग से जुड़े अधिकारियों को आर्थिक अपराध इकाई ने टारगेट में ले लिया है. आर्थिक अपराध इकाई के सूत्रों के अनुसार डिप्टी कलेक्टर स्तर के कई अधिकारी भी निशाने पर हैं.
फिलहाल आर्थिक अपराध इकाई कागजी कार्रवाई कर रही है और बालू के अवैध खनन तथा ढुलाई के मामले में डोरीगंज थाना में दर्ज प्राथमिकी की जांच निगरानी अन्वेषण ब्यूरो कर रही है. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की रिपोर्ट के आधार पर बालू माफियाओं तथा अधिकारियों के रैकेट को चिह्नित किया गया है. बालू माफियाओं व अधिकारियों की अवैध संपत्ति का पता लगाया जा रहा है. इस मामले में सारण के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार राज को पद से हटाया गया था.
इसके अलावा खनन विभाग के कई अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो चुकी है. इस मामले में सारण में पदस्थापित व तत्कालीन डीएम दीपक आनंद के करीबी रहे डिप्टी कलेक्टरों पर भी कार्रवाई की जा सकती है. खनन व परिवहन विभाग के अधिकारियों के भी बालू माफियाओं से गठजोड़ होने की बात सामने आयी है. इस मामले में डोरीगंज के तत्कालीन थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया गया था लेकिन पुलिस निरीक्षक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गयी थी. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम थानाध्यक्ष, पुलिस निरीक्षक व अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है.
सारण के इतिहास में यह पहली घटना है जब किसी डीएम तथा एसपी को भ्रष्टाचार में संलिप्त रहने के कारण पद से हटाया गया है और हटाये गये डीएम के यहां से काली कमाई के धन का पता लगाया है. दीपक आनंद के कार्यकाल में यहां पदस्थापित कई अन्य पदाधिकारियों के द्वारा भी अवैध ढंग से अकूत संपत्ति अर्जित करने की जानकारी आर्थिक अपराध इकाई को मिली है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >