छपरा(सारण) : सारण के इतिहास में पहले डीएम दीपक आनंद रहे जिन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा. अब तो, उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को आर्थिक अपराध इकाई की कार्रवाई ने मुहर लगा दी है. दस वर्ष की सेवा काल में दीपक आनंद ने 1900 गुणा ज्यादा संपत्ति अर्जित किया. बालू माफियाओं से गठजोड़ के बाद चर्चा में आये तत्कालीन डीएम दीपक आनंद के कार्यकाल में कई बड़े कारनामे उजागर होने की आशा है. छपरा-हाजीपुर के बीच फोरलेन के निर्माण कराने वाली कंपनी के द्वारा भी अवैध खनन करने तथा सरकारी राजस्व को चुना लगाने का मामला भी चर्चा में है.
जिला स्वास्थ्य समिति के द्वारा आउटसोर्सिंग एजेंसियों के चयन में मनमानी करने, अनियमितता बरतने का मामला भी दीपक आनंद के कार्यकाल का ही है. इनके कार्यकाल में ही जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से एएनएम की बहाली में गड़बड़ी का मामला भी चर्चा में था. इसके अलावा जिला स्वास्थ्य समिति के कई कार्य सुर्खियों में रहा.
इनके कार्यकाल में छपरा शहर में पूजा के दौरान विधि-व्यवस्था की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गयी थी जिसके कारण जोनल आईजी और आईजी स्तर के कई पदाधिकारियों को कैंप करना पड़ा और कई दिनों तक पूरे जिले में निषेधाज्ञा लागू रही. उन पर पूर्वाग्रह व दुराग्रह से ग्रसित होकर कार्रवाई करने का भी आरोप लगा था. भ्रष्टाचार में संलिप्त रहने वाले दीपक आनंद के खिलाफ जिले के सभी मुखिया ने भी आंदोलन किया था.
