डीएम ने सिविल सर्जन से तलब की रिपोर्ट
न्यायालय ने अभियोजन चलाने का मांगा है स्वीकृति
छपरा(सारण) : आउटसोर्सिंग एजेंसियों के चयन मामले में जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक धीरज कुमार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. डीएम ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया है कि न्यायालय द्वारा मांगे गये प्रतिवेदन को शीघ्र उपलब्ध कराया जाय . डीएम ने सिविल सर्जन को दिये निर्देश में कहा है कि अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सप्तम) के न्यायालय में डीपीएम के खिलाफ मुकदमा चल रहा है और और अभियोजन चलाने के लिए स्वीकृति आदेश मांगा गया है.
न्यायालय में दायर मुकदमे में डीपीएम के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाये गये हैं. आउटसोर्सिग एजेंसियों के चयन के लिए डीएम के द्वारा निर्गत कार्यादेश में काट कुट व जोड़- तोड़ करने, विधि विरुद्ध कार्य करने का आरोप है. डीएम ने कहा है कि प्रमंडलीय आयुक्त ने भी अपने जांच में डीपीएम की भूमिका को संदेहास्पद बताया है. अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी(सप्तम) के न्यायालय में डीपीएम के खिलाफ दायर मुकदमा संख्या 182/ 17 में आरोप है कि काक्सी सिक्योरिटीज प्रालि उन सभी कार्यों को आवंटित कर दिया गया है जिसके लिए कंपनी ने टेंडर नहीं भरा था. न्यायालय ने 19 दिसंबर 2017 को ही डीएम से अभियोजन स्वीकृति आदेश तलब किया था जिसके आलोक में डीएम ने यह निर्देश दिया है.
क्या कहते हैं अधिकारी
आदेश की प्रति अब तक हमें नहीं मिली है. पत्र मिलने पर अभियोजन स्वीकृति आदेश न्यायालय को समर्पित कर दिया जायेगा.
डॉ ललित मोहन प्रसाद
सिविल सर्जन
