दियारे की जमीन को लेकर दो गांवों में विवाद

मकेर : थाना क्षेत्र की भाथा पंचायत के चांदपट्टी ठहरा एवं ठहरा ठकुरबाड़ी गांवों के दियारा की जमीन को लेकर दोनों गांवों के किसानों में तनाव उत्पन्न हो गया है. गांव के लोग दियारा में हर साल तरबूज की खेती करते हैं. इसको लेकर दोनों गांवों के दर्जनों किसान थाने पहुंचे. पुलिस ने सीओ को […]

मकेर : थाना क्षेत्र की भाथा पंचायत के चांदपट्टी ठहरा एवं ठहरा ठकुरबाड़ी गांवों के दियारा की जमीन को लेकर दोनों गांवों के किसानों में तनाव उत्पन्न हो गया है. गांव के लोग दियारा में हर साल तरबूज की खेती करते हैं. इसको लेकर दोनों गांवों के दर्जनों किसान थाने पहुंचे. पुलिस ने सीओ को सूचना दी. सीओ शिवेंद्र कुमार थाने पहुंचे. सीओ एवं थानाध्यक्ष शंभुनाथ मांझी की उपस्थिति में ठहरा ठकुरबाड‍़ी गांव के उमेश सिंह, भोला सहनी, नागेंद्र सहनी, महेश्वर सहनी, रामस्वरूप सहनी ने बताया कि हम लोग 1987 से दियारा की जमीन का अंचल कार्यालय से बंदोबस्त करा कर खेती करते आ रहे हैं.

इस साल जिले के एडीएम से प्रति परिवार एक एकड़ के हिसाब से 30 किसानों ने 30 एकड़ जमीन की बंदोबस्ती करायी है. वहीं, दूसरे पक्ष के चांद ठहरा गांव के विकास कुमार, धीरज कुमार, अजय कुमार, राजनारायण सिंह, सुमन सिंह का कहना है कि दियारा की जमीन हम लोगों रैयती जमीन है.

इसका प्रथम पक्ष के लोग सरकारी बंदोबस्ती करा खेती करने लगे. यह लोग दियारा की मापी होने तक प्रथम पक्ष को खेती नहीं करने देने की बात बतायी. सीओ ने दोनों पक्षों की बात सुन प्रथम पक्ष को 750 कट्ठे तरबूज की खेती के लिए दूसरे पक्ष को देने की बात पर सुलह कराया. वहीं, सरकारी मापी के बाद जिसका जहां होगा वह लेगा. मालूम हो कि एक एकड़ में 250 कट्ठे बनते हैं, जिसमें तरबूज का बीज लगाया जाता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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