450 में मिल रही Rs 295 की यूरिया

कुव्यवस्था. खाद के लिए परेशान किसान कालाबाजारियों से खरीद को विवश पॉश मशीन से खाद बेचने व आधार कार्ड की अनिवार्यता से परेशानी आधार कार्ड पर एसएफसी के आठ गोदामों व पैक्स में खुदरा बिक्री शुरू छपरा (सदर) : रबी फसल के पटवन को लेकर जहां किसान चिंतित हैं. वहीं सरकारी या गैर सरकारी एजेंसिया […]

कुव्यवस्था. खाद के लिए परेशान किसान कालाबाजारियों से खरीद को विवश

पॉश मशीन से खाद बेचने व आधार कार्ड की अनिवार्यता से परेशानी
आधार कार्ड पर एसएफसी के आठ गोदामों व पैक्स में खुदरा बिक्री शुरू
छपरा (सदर) : रबी फसल के पटवन को लेकर जहां किसान चिंतित हैं. वहीं सरकारी या गैर सरकारी एजेंसिया सरकारी निर्देश के आलोक में विगत नौ दिनों से खाद देने पर रोक लगी हुई है. ऐसी स्थिति में किसानों को परेशान होकर महंगे दाम पर कई बाजारों पर कालाबाजारियों से खाद खरीदने को विवश हैं. हालांकि सरकार के निर्देश के बाद अब जिले में खाद की समस्या समाप्त होने व जिले के किसानों को निर्धारित सरकारी दर पर खाद उपलब्ध होने का दावा जिला कृषि पदाधिकारी राजा रामपाल कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि खुदरा में इफको का निमकोटेड यूरिया 295 रुपये, डीएपी 1060 रुपये तथा मिक्सचर 800 रुपये की दर निर्धारित है. हालांकि सरकार द्वारा अब खाद लेने में आधार कार्ड की अनिवार्यता के कारण आधार विहीन किसानों को खाद लेने में परेशानी हो रही है.
आठ गोदामों से खुदरा बिक्री शुरू करने का दावा : बिस्कोमान तथा इफको के आपसी समन्वय से जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के आठ गोदामों के पास खुदरा मूल्य पर डीएपी, यूरिया आदि खाद का वितरण कराने का दावा इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक एसपी सिंह करते हैं. वह बताते हैं कि सारण जिले में 1450 एमटी यूरिया इफको के पास उपलब्ध है, जिसमें पांच सौ एमटी पैक्स, व्यापार मंडल या अन्य समितियों को आवंटित किया जा रहा है, जबकि शेष खाद बिस्कोमान के छपरा, गड़खा, मढ़ौरा, बनियापुर, मशरक, सोनपुर, दिघवारा आदि गोदामों पर बिस्कोमान के कर्मियों के माध्यम से विक्रय की व्यवस्था की गयी है. हालांकि बिस्कोमान के क्षेत्रीय पदाधिकारी रोहित रंजन के अनुसार सारण जिले में आठों गोदाम में खाद बेचने का काम मंगलवार को शुरू कर दिया गया है. पूर्व में भी बिस्कोमान के माध्यम से खुदरा बिक्री हो रही थी. परंतु, सरकार के रोक लगाये जाने के कारण ही 23 से 31 दिसंबर तक खुदरा खाद की बिक्री नहीं हो पा रही थी, लेकिन अब बिक्री शुरू कर दी गयी. परंतु, आठ गोदामों पर महज 17 कर्मी विभाग में होने तथा अधिकतर कर्मियों को पॉश मशीन चलाने का अनुभव नहीं होने तथा एक गोदाम पर कम से कम तीन व्यक्ति की जरूरत होने के कारण कर्मी के अभाव में खाद का वितरण बाधित हो रहा है. उन्होंने माना कि तकनीकी जानकारी के अभाव में तथा कर्मचारियों की कमी के कारण खाद का वितरण बाधित होने से किसानों द्वारा नाराजगी भी जतायी जाती है. परंतु, विभाग से मार्गदर्शन मांग कर इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.
20 हजार एमटी यूरिया की जरूरत
रबी सीजन में 20 हजार एमटी यूरिया की आवश्यकता बतायी जाती है. परंतु, कृषि विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार आइपीएल, इफको आदि कंपनियों के यहां अभी पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध नहीं है. वहीं, सबसे बड़ी समस्या पॉश मशीन की है. अब किसी भी किसान को अपना आधार कार्ड ले जाने तथा पॉश मशीन से तकनीकी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही खाद मिलेगी. कोई भी पैक्स या व्यापार मंडल या अन्य विक्रेता बिना पैक्स के खाद की बिक्री नहीं कर सकता. ऐसी स्थिति में जिले में जो 46 पैक्स या अन्य व्यापार मंडल, सरकारी समितियां अब वे चालू मौसम में तभी खाद का व्यवसाय कर पायेंगे, जब उनके पास पॉश मशीन उपलब्ध होंगी. हालांकि आधार कार्ड की अनिवार्यता तथा आधार कार्ड से खाद लेने की सीमा निर्धारित नहीं होने के कारण कई कालाबाजारियों द्वारा अपने परिजनों या निकटतम संबंधियों के आधार कार्ड का उपयोग कर यूरिया आदि का उठाव कर कालाबाजारी में 450 रुपये प्रति बोरा के हिसाब से फसल की सिंचाई करने वाले जरूरतमंद किसानों से बेचा जा रहा है.
वहीं, किलो के हिसाब से 10 रुपये प्रति किलो बिक्री की जा रही है.

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