छपरा(कोर्ट) : मायके से दो लाख नकद व मोटरसाइकिल मांग कर नहीं लाने के कारण पति व उसके परिजनों द्वारा एक विवाहिता की हत्या कर शव को गायब कर दिये जाने के मामले में न्यायालय ने पति समेत तीन आरोपितों को कारावास की सजा सुनायी है. गुरुवार को त्वरित न्यायालय द्वितीय के न्यायाधीश उमेश चंद्र […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
छपरा(कोर्ट) : मायके से दो लाख नकद व मोटरसाइकिल मांग कर नहीं लाने के कारण पति व उसके परिजनों द्वारा एक विवाहिता की हत्या कर शव को गायब कर दिये जाने के मामले में न्यायालय ने पति समेत तीन आरोपितों को कारावास की सजा सुनायी है. गुरुवार को त्वरित न्यायालय द्वितीय के न्यायाधीश उमेश चंद्र श्रीवास्तव ने रिविलगंज थाना कांड संख्या 44/05 के सत्रवाद 735/06 में सुनवाई करते हुए मामले के आरोपित रिविलगंज थाना क्षेत्र के अड्डा नंबर एक निवासी व मृतका माला देवी के पति अरविंद कुमार सिंह ससुर शिवकुमार सिंह और देवर रवींद्र सिंह को भादवि की धारा 304 बी के तहत 10 वर्ष धारा 201 में तीन वर्ष तथा 3/4 डीपी एक्ट के तहत एक वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है.
साथ ही तीनों को पांच हजार अर्थदंड की भी सजा सुनाई है, जिसे नहीं देने पर तीन माह अतिरिक्त सजा का आदेश दिया है.
मामले के संबंध में एपीपी प्रमोद भरतिया ने बताया कि मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के उमधा निवासी व मृतका के पिता दीनानाथ सिंह ने 13 जून, 2005 को थाना में एक प्राथमिकी दर्ज करायी थी जिसमें कहा था कि उनके दामाद अरविंद और उसके पिता एवं छोटे भाई ने दहेज में दो लाख नकद और मोटरसाइकिल के लिए उनकी पुत्री निर्मला देवी उर्फ माला को प्रताड़ित किया करते थे. उनकी पुत्री ने जब दहेज की मांग मानने से इन्कार व विरोध किया तो सभी ने मिलकर उसकी हत्या कर शव को गायब कर दिया. मामले में सरकार की ओर से एपीपी प्रमोद भरतिया व सहायक सुनीता कुमारी ने पक्ष रखा है.