समस्तीपुर: मोबाइल ऐप के माध्यम से उर्वरक बिक्री की नयी व्यवस्था समाप्त करने समेत पांच सूत्री मांगों के समर्थन में खेती बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने बुधवार को समाहरणालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. वक्ताओं ने किसानों से जुड़ी समस्याओं और उर्वरक वितरण व्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी जतायी.
खेती बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक विनोद राय ने कहा कि उर्वरक की कालाबाजारी, यूरिया और डीएपी के साथ गैर-सब्सिडी वाले उत्पादों की जबरन टैगिंग, मोबाइल ऐप के माध्यम से बिक्री और निर्धारित मात्रा में उर्वरक वितरण से किसानों को काफी परेशानी हो रही है. उन्होंने कहा कि उर्वरक की मात्रा निर्धारित होने के कारण किसानों की आवश्यकता के अनुरूप खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है. इससे खेती प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है.
रबी फसल से पहले पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की मांग
वक्ताओं ने कहा कि उर्वरक की उपलब्धता और वितरण से जुड़ी समस्याओं को लेकर पैक्स तथा किसान हितैषी संगठनों की ओर से पूर्व में भी प्रशासन और सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया गया था. इसके बावजूद समस्या का अपेक्षित समाधान नहीं होने से किसानों में असंतोष बढ़ रहा है.
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आगामी रबी फसल को देखते हुए समय रहते उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है.
पांच सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन
प्रदर्शनकारियों ने मोबाइल ऐप के माध्यम से उर्वरक बिक्री की नयी व्यवस्था समाप्त करने की मांग की. इसके अलावा निर्धारित मात्रा में उर्वरक वितरण की व्यवस्था खत्म करने, खाद की कालाबाजारी और अवैध बिक्री पर सख्त कार्रवाई करने तथा यूरिया और डीएपी के साथ गैर-सब्सिडी वाले उत्पादों की जबरन टैगिंग पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गयी.
जिले में आगामी रबी फसल के लिए पर्याप्त मात्रा में यूरिया, डीएपी समेत अन्य आवश्यक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग भी उठायी गयी.
डीएम को सौंपा मांगों का स्मार पत्र
प्रदर्शन के बाद खेती बचाओ समिति मोर्चा के जिलामंत्री सत्यनारायण सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को पांच सूत्री मांगों से संबंधित स्मार पत्र सौंपा. प्रतिनिधिमंडल ने किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने की मांग की.
मौके पर किसान नेता मनोज प्रसाद सुनील, राजेश्वर महतो, सत्यनारायण सिंह, महावीर पोद्दार, रामयतन सिंह राकेश, सुरेंद्र कुमार सिंह मुन्ना, विश्वनाथ सिंह हजारी समेत काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे.
