Samastipur News:लोग अवसाद, लाचारी व हताशा के चलते आत्महत्या करते हैं : डॉ. उत्कर्ष

शहर के बीआरबी कॉलेज के सेमिनार हॉल में जिला स्वास्थ्य समिति एवं एनएसएस इकाई के संयुक्त तत्वाधान में ''वर्ल्ड सुसाइड प्रीवेंशन डे सप्ताह'' के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

Samastipur News:समस्तीपुर : शहर के बीआरबी कॉलेज के सेमिनार हॉल में जिला स्वास्थ्य समिति एवं एनएसएस इकाई के संयुक्त तत्वाधान में ””वर्ल्ड सुसाइड प्रीवेंशन डे सप्ताह”” के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. अध्यक्षता प्रधानाचार्य डॉ. जगदीश प्रसाद वैश्यंत्री ने की. प्रधानाचार्य ने कहा कि किसी को यह बताना कि आपके मन में आत्महत्या के विचार आ रहे हैं एक साहसपूर्ण कार्य है. ऐसा करना कठिन भी हो सकता है. हालांकि, अपनी भावनाओं को साझा करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह मदद पाने की दिशा में पहला कदम है. अगर आप आत्महत्या के बारे में सोच रहे हैं, तो आप शायद निराश या असहाय महसूस कर रहे हैं. किसी से जुड़ना और अपनी भावनाओं को साझा करना आपको सहारा और आशा का एहसास दिला सकता है. अपनी भावनाओं को साझा करना एक बड़ी राहत हो सकती है, क्योंकि इसका मतलब है कि अब आपको अकेले संघर्ष नहीं करना पड़ेगा. चिकित्सक डॉ. उत्कर्ष ने कहा कि आत्महत्या का प्रयास एक गंभीर समस्या है जिसके लिए मानसिक स्वास्थ्य हस्तक्षेप की आवश्यकता होती है. लेकिन इसे एक आपराधिक अपराध माना जाता है. दुनिया भर में हर साल 70 लाख लोग आत्महत्या करते हैं. इससे कई गुना अधिक लोग आत्महत्या की कोशिश करते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, 15 से 19 साल के युवाओं के बीच मौत की चौथी सबसे बड़ी वजह आत्महत्या है. लोग अवसाद, लाचारी और जीवन में कुछ नहीं कर पाने की हताशा के चलते आत्महत्या करते हैं. इसके अलावा आत्महत्या करने की मेडिकल वजहें भी हो सकती हैं. डॉ. उत्कर्ष ने छात्रों के इससे सम्बंधित विभिन्न सवालों का जवाब भी दिया. राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो शबनम कुमारी ने कहा कि व्यक्ति के मन में नकारात्मक ख्यालों का आना साधारण बात है. कई बार ऐसे ख्याल कुछ ही पलों के लिए आते है लेकिन कुछ लोगों में ये धीरे-धीरे बढ़ने लगता है. मानसिक विकारों को लेकर अभी भी काफी गलतफहमियां है, इसलिए लोग इस बारे में ज्यादा बात नहीं करते. ऐसी स्थिति में मानसिक काउंसलिंग करने वाली हेल्पलाइन की भूमिका अहम होती है. इस अवसर पर महाविद्यालय के विभिन्न विभाग के 60 से भी ज्यादा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे. कार्यक्रम को सफल बनाने में एनएसएस के स्वयंसेवक अनमोल नवीन, सोनू, राजा, शिवा, स्वाति, गुड़िया, दिव्या, रौशनी आदि ने सहयोग किया.

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