नीलगाय और घोरपरास से किसान परेशान, विधानसभा में विधायक रणविजय साहू ने उठाया मुद्दा

समस्तीपुर के मोरवा प्रखंड में नीलगाय और घोरपरास के आतंक से किसान त्रस्त हैं, जिनकी फसलें पिछले 10 सालों से लगातार बर्बाद हो रही हैं. विभागीय उदासीनता से नाराज किसानों की आवाज अब विधानसभा तक पहुँच गई है, जहां विधायक ने इस गंभीर मुद्दे को उठाया है.

Samastipur News: मोरवा प्रखंड क्षेत्र में नीलगाय और घोरपरास के आतंक से किसान गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं. पिछले करीब दस वर्षों से जंगली जानवर किसानों की धान, मक्का, सब्जी और केले की फसलों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं. इससे खेती किसानों के लिए घाटे का सौदा बनती जा रही है. आबादी से दूर स्थित खेतों में खेती करना अब जोखिम भरा हो गया है. किसान लगातार विभागीय उदासीनता पर नाराजगी जता रहे हैं.

Morwa News: 10 वर्षों से फसलें हो रहीं बर्बाद

किसानों ने बताया कि कई बार प्रशासन और वन विभाग से नीलगाय एवं घोरपरास से निजात दिलाने की मांग की गई. शूटर भेजने और नियंत्रण अभियान चलाने के आश्वासन भी मिले, पंचायतों से प्रस्ताव भी लिए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका. परिणामस्वरूप हर वर्ष किसानों की मेहनत और फसल दोनों बर्बाद हो रही हैं.

खेती छोड़ने को मजबूर हो रहे किसान

ग्रामीण किसानों का कहना है कि निजी संसाधनों से खेती करने के बाद भी जंगली जानवर रातोंरात पूरी फसल नष्ट कर देते हैं. इससे आर्थिक नुकसान लगातार बढ़ रहा है और कई किसान खेती छोड़ने की सोचने लगे हैं. उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो कृषि से लोगों का भरोसा उठ जाएगा.

विधायक ने विधानसभा में उठाया मुद्दा

रोसड़ा विधायक रणविजय साहू ने बिहार विधानसभा में मोरवा, ताजपुर और शाहपुर पटोरी सहित पूरे समस्तीपुर जिले में नीलगाय और घोरपरास के आतंक का मुद्दा उठाया. उन्होंने सरकार से किसानों की फसल सुरक्षा के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने, जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान को रोकने तथा प्रभावित किसानों को राहत देने की मांग की. विधायक ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार को शीघ्र प्रभावी कदम उठाने चाहिए.

किसानों में जगी नई उम्मीद

विधानसभा में मामला उठने के बाद किसानों ने उम्मीद जताई है कि सरकार इस समस्या का स्थायी समाधान करेगी. किसानों का कहना है कि यदि जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित हो जाए तो खेती फिर से लाभकारी बन सकती है.

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By Manoj kumar verma

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