समस्तीपुर: नगर निगम में कई दिनों से जारी सफाई कर्मियों की हड़ताल अब कानूनी मोड़ पर पहुंच गई है. नगर निगम के नगर प्रबंधक रघुनाथ पासवान के आवेदन पर नगर थाना में प्रभारी सफाई जमादार राजकुमार राम समेत अन्य हड़ताली दैनिक और स्थायी सफाई कर्मियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने और अनुशासनहीनता के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है.
29 जुलाई से ठप है सफाई और कचरा उठाव
प्राथमिकी के अनुसार, 29 जुलाई से प्रभारी सफाई जमादार राजकुमार राम और अन्य कर्मियों ने नगर निगम क्षेत्र में सफाई और कचरा उठाव का कार्य पूरी तरह बंद कर दिया है. इसके चलते शहर के वार्डों, मुख्य चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर कचरे का अंबार लग गया है. लगातार गंदगी के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और संक्रमण फैलने की आशंका भी बढ़ गई है.
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को भी काम से रोकने का आरोप
नगर प्रबंधक ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि हड़ताली कर्मी आउटसोर्सिंग एजेंसी के कर्मचारियों को भी सफाई कार्य नहीं करने दे रहे हैं. उनके साथ मारपीट और धमकी देने की शिकायत भी की गई है. जबकि सफाई व्यवस्था अनिवार्य सेवाओं के दायरे में आती है, ऐसे में कार्य बाधित करना आमजन के हितों के खिलाफ बताया गया है.
नगर निगम कार्यालय में ताला लगाने का भी आरोप
एफआईआर में यह भी उल्लेख किया गया है कि हड़ताली कर्मी प्रतिदिन सुबह करीब 10 बजे नगर निगम कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला लगा देते हैं. इससे निगम का नियमित प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहा है और कर्मचारियों के साथ-साथ आम लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है. काफी मशक्कत के बाद कार्यालय का ताला खोला जाता है, जिससे दैनिक कार्यों में व्यवधान उत्पन्न होता है.
पुलिस ने शुरू की जांच
नगर प्रबंधक ने संबंधित कर्मियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने सहित अन्य सुसंगत धाराओं में कार्रवाई की मांग की है. नगर थाना अध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया कि आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जांच के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी.
शहर की सफाई व्यवस्था अब भी प्रभावित
दूसरी ओर, सफाई कर्मियों की हड़ताल जारी रहने से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित बनी हुई है. कई इलाकों में कचरे का उठाव नहीं होने से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है.
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