RPCAU Pusa: डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (आरपीसीएयू), पूसा में नवादा आत्मा प्रायोजित पांच दिवसीय कृषि की नवोन्मेषी तकनीक विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत उत्साहपूर्ण माहौल में हुई. औपचारिक उद्घाटन विश्वविद्यालय के अधिकारियों की व्यस्तता के कारण फिलहाल नहीं हो सका.
प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, नवाचारों और व्यवहारिक कौशल से जोड़कर उन्हें उन्नत खेती के लिए तैयार करना है.
आधुनिक कृषि तकनीकों पर दिया गया व्याख्यान
प्रशिक्षण के पहले दिन प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. रत्नेश कुमार झा ने कृषि की नवोन्मेषी तकनीकों पर व्याख्यान दिया. उन्होंने वैज्ञानिक खेती, उन्नत कृषि पद्धतियों और नवाचार आधारित तकनीकों को अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि इनके प्रभावी उपयोग से उत्पादन, उत्पादकता और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है.
व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष जोर
कार्यक्रम के तहत डॉ. सुधानंद प्रसाद लाल, सहायक प्रोफेसर सह वैज्ञानिक (कृषि प्रसार शिक्षा) एवं प्रभारी, कृषि प्रौद्योगिकी सूचना केंद्र ने परिचय सत्र (आइस ब्रेकिंग सेशन) का संचालन किया.
प्रतिभागियों के लिए टावर बिल्डिंग एक्सरसाइज, यार्ड पोंग (बकेटबॉल) और अर्थपूर्ण वर्णमाला क्रम जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं. इन गतिविधियों के माध्यम से टीम वर्क, नेतृत्व क्षमता, संचार कौशल, समस्या समाधान और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने पर बल दिया गया.
42 प्रगतिशील किसान ले रहे हैं प्रशिक्षण
प्रशिक्षण में नवादा जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए 42 प्रगतिशील किसान भाग ले रहे हैं. इनका नेतृत्व सहायक तकनीकी प्रबंधक विपिन कुमार कर रहे हैं. प्रशिक्षण के दौरान किसानों को कृषि नवाचार, आधुनिक तकनीकों और व्यवहारिक कौशल से संबंधित विभिन्न विषयों की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे नई तकनीकों को अपनाकर कृषि से अपनी आय बढ़ा सकें.
