Samastipur News: प्रखंड के सतमलपुर पंचायत स्थित कबीर मठ बलाही में महंत पद को लेकर चल रहा विवाद रविवार को संत पंचायत के निर्णय के बाद समाप्त हो गया. बिहार के विभिन्न जिलों से पहुंचे संत-महात्माओं और महंतों ने सर्वसम्मति से कमलेश्वर दास को मठ का वैध एवं नियमित महंत घोषित करते हुए उनके नेतृत्व में मठ संचालन जारी रखने का निर्णय लिया.
Warisnagar News: चार घंटे चली संत पंचायत में हुआ फैसला
महंत पद को लेकर कमलेश्वर दास और बिहारी दास के बीच विवाद चल रहा था. मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के सदस्य एवं श्री राम जानकी मठ, पातेपुर (वैशाली) के महंत विश्व मोहन दास के नेतृत्व में संत पंचायत बुलाई गई. धार्मिक न्यास बोर्ड के कर्मियों और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में करीब चार से पांच घंटे तक चली बैठक के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कमलेश्वर दास ही मठ के महंत बने रहेंगे.
वसीयतनामा और परंपरा के आधार पर मिला समर्थन
बैठक में बताया गया कि स्वर्गीय महंत रामचंद्र दास ने अपने जीवनकाल में वसीयतनामा के माध्यम से कमलेश्वर दास को उत्तराधिकारी घोषित किया था. संत समाज ने उपलब्ध दस्तावेजों और परंपरा के आधार पर उन्हें वैध महंत माना. बताया गया कि कमलेश्वर दास पिछले लगभग 15 वर्षों से मठ का संचालन कर रहे हैं और उनके कार्यकाल में धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है.
फर्जी वसीयत के आरोपों पर भी हुई चर्चा
बैठक के दौरान आचार्य महंत आमोद गोस्वामी ने कहा कि कुछ लोगों ने निजी स्वार्थ के कारण कथित फर्जी वसीयतनामा तैयार कर विवाद को बढ़ाने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि जांच और विचार-विमर्श के बाद संत समाज ने स्पष्ट रूप से कमलेश्वर दास के पक्ष में निर्णय दिया और मठ की गरिमा बनाए रखने का संदेश दिया.
शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील
संत पंचायत के फैसले के बाद उपस्थित संतों और ग्रामीणों ने निर्णय का स्वागत किया. सभी ने मठ में शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की. इस अवसर पर पैक्स अध्यक्ष दिलीप सिंह, अमरेंद्र सिंह, मुन्ना सिंह, जयलाल राय, चंदन सिंह, मंटून सिंह, भोला महतो, रामावतार सिंह, रणधीर कुमार सिंह, सोनू कुमार सिंह, राम नारायण सिंह, संजीव कुमार सिंह, श्याम सुंदर महतो, रमन कुमार सिंह, शंभू ठाकुर, सुनील सिंह, वसीम रजा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे.
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