ODF Sustainability: शहर के एक होटल में जिला जल एवं स्वच्छता समिति, समस्तीपुर, यूनिसेफ और वाड्स फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय जिला स्तरीय उन्मुखीकरण एवं मुख्य कारक कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला का उद्देश्य खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) स्थिति को स्थायी बनाना, गुणवत्तापूर्ण शौचालय निर्माण, व्यवहार परिवर्तन और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था.
डीएम ने जनभागीदारी पर दिया जोर
कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा, उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह, डीआरडीए निदेशक, यूनिसेफ के वाश स्पेशलिस्ट डॉ. प्रभाकर सिन्हा तथा वाड्स फाउंडेशन के निदेशक शशि भूषण पांडेय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया.
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी का सशक्त अभियान है. उन्होंने सभी विभागों से समन्वित प्रयास कर ओडीएफ की उपलब्धियों को स्थायी बनाने और हर परिवार तक स्वच्छता का संदेश पहुंचाने का आह्वान किया.
ओडीएफ प्लस और व्यवहार परिवर्तन पर तकनीकी सत्र
कार्यशाला में जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, जीविका के प्रखंड परियोजना प्रबंधक, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के अधिकारी, प्रखंड समन्वयक सहित करीब 100 प्रतिभागियों ने भाग लिया.
इस दौरान ओडीएफ सस्टेनेबिलिटी, ओडीएफ प्लस, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण शौचालय निर्माण, रेट्रोफिटिंग, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, व्यवहार परिवर्तन संचार और सामुदायिक सहभागिता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई. प्रतिभागियों को पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन, वीडियो और तकनीकी सत्रों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया.
अभियान को मजबूत बनाने पर बल
उप विकास आयुक्त ने गुणवत्तापूर्ण कार्य, नियमित अनुश्रवण और समयबद्ध क्रियान्वयन पर बल दिया. यूनिसेफ के वाश स्पेशलिस्ट डॉ. प्रभाकर सिन्हा ने कहा कि स्वच्छता अभियान की सफलता विभागों और समुदाय के साझा प्रयासों से ही संभव है.
वाड्स फाउंडेशन के निदेशक शशि भूषण पांडेय ने प्रतिभागियों से कार्यशाला में प्राप्त ज्ञान को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी ढंग से लागू करने की अपील की. वहीं लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के जिला समन्वयक हसनैन अनवर ने जिले में संचालित स्वच्छता अभियान और कार्ययोजना की जानकारी दी.
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