Samastipur School Crime: जिले का उच्च माध्यमिक विद्यालय बथुआ बुजुर्ग एक बार फिर शर्मसार करने वाले कारनामे को लेकर सुर्खियों में है. सरकार द्वारा मॉडल विद्यालय का दर्जा पाए इस संस्थान में परिसर के भीतर अपराधियों का बोलबाला कायम हो चुका है. हालिया घटना में 10वीं कक्षा के 15 वर्षीय दलित छात्र को यौन प्रताड़ना का विरोध करने पर विद्यालय के परिचारी कमरे आलम और उसके द्वारा बुलाए गए बाहरी हथियारबंद गुंडों ने हमला कर लहूलुहान कर दिया. दिनदहाड़े परिसर में हुई इस घटना ने सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
विद्यालय प्रशासन की खामोशी और सीसीटीवी साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका
घटना के समय विद्यालय में 24 शिक्षक और बीईओ निर्मला राय भी मौजूद थीं. इसके बावजूद हथियारबंद असामाजिक तत्व बेधड़क विद्यालय में घुसे और तांडव मचाकर चले गए. बीईओ द्वारा सभी शिक्षकों से अनभिज्ञता जताने वाला लिखित बयान लेकर कोरम पूरा कर लिया गया.
मामले से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
- साक्ष्यों से छेड़छाड़: विद्यालय प्रशासन तकनीकी अड़चन का बहाना बनाकर सीसीटीवी फुटेज देने से कतरा रहा है.
- डीईओ का रवैया: जिला शिक्षा पदाधिकारी कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने उच्चस्तरीय जांच टीम गठित करने के बजाय बीईओ स्तर पर ही मामला छोड़ दिया.
- दबाव बनाने का प्रयास: स्थानीय स्तर पर मामले को पंचायती के जरिए दबाने की कोशिशें की जा रही हैं.
छात्र संगठनों ने दोषी परिचारी और लापरवाह प्रशासन के खिलाफ निष्पक्ष जांच व कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
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