Samastipur News: 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के तहत शिक्षकों के लिए एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में समस्तीपुर और पटोरी अनुमंडल के विभिन्न विद्यालयों से आए सैकड़ों विज्ञान शिक्षकों ने भाग लिया. इस दौरान विद्यालयों में विद्यार्थियों से विज्ञान आधारित प्रोजेक्ट तैयार कराने की तकनीकी जानकारी दी गई.
दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यशाला का शुभारंभ
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी प्रेमशंकर झा, पूर्व प्राध्यापक डॉ. भोला चौरसिया, डॉ. सुरेंद्र प्रसाद, डॉ. संगीता कुमारी, जिला समन्वयक डॉ. रवीन्द्र कुमार, जिला शैक्षणिक समन्वयक डॉ. संजय प्रसाद, रिसोर्स पर्सन डॉ. विकास कुमार गुप्ता सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया.
विज्ञान एवं नवाचार विषय पर हुआ मंथन
कार्यशाला का मुख्य विषय "निरंतरता के लिए विज्ञान एवं नवाचार" रखा गया. इसमें अपशिष्ट प्रबंधन के लिए R5 मॉडल, ऊर्जा के लिए E-4, जल संसाधनों का संरक्षण, भोजन, कृषि एवं स्वास्थ्य तथा भारतीय ज्ञान प्रणाली जैसे पांच प्रमुख विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई.
विशेषज्ञों ने दिए प्रोजेक्ट निर्माण के गुर
रिसोर्स पर्सन के रूप में डॉ. भोला चौरसिया, डॉ. सुरेंद्र प्रसाद, डॉ. संगीता कुमारी, डॉ. विकास कुमार गुप्ता और डॉ. एम.पी. राय ने शिक्षकों को वैज्ञानिक प्रोजेक्ट तैयार करने की तकनीक, प्रस्तुतीकरण और मूल्यांकन की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी.
राज्य और राष्ट्रीय स्तर की तैयारी पर जोर
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी प्रेमशंकर झा ने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद शिक्षक अपने विद्यालयों में विद्यार्थियों से बेहतर विज्ञान प्रोजेक्ट तैयार कराएं, ताकि राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में समस्तीपुर बेहतर प्रदर्शन कर सके. वहीं जिला समन्वयक डॉ. रवीन्द्र कुमार ने प्रोजेक्ट फाइल तैयार करने की पूरी प्रक्रिया से शिक्षकों को अवगत कराया. कार्यक्रम के अंत में जिला शैक्षणिक समन्वयक डॉ. संजय प्रसाद ने धन्यवाद ज्ञापन किया.
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