समस्तीपुर: जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा की अध्यक्षता में बुधवार को समाहरणालय सभागार में आईसीडीएस की समीक्षात्मक बैठक हुई. इसमें जिले में आईसीडीएस के माध्यम से संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गयी. बैठक में उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस सुनीता कुमारी समेत विभाग के अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे.
आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन और बच्चों की उपस्थिति की समीक्षा
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन, बच्चों की उपस्थिति, पूर्व प्राथमिक शिक्षा, पोषण संबंधी गतिविधियों तथा गर्भवती और धात्री महिलाओं को उपलब्ध करायी जा रही सेवाओं की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों से प्रखंडवार प्रगति की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिये.
डीएम ने कहा कि बच्चों और महिलाओं के पोषण, स्वास्थ्य तथा प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ी सेवाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है. उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने का निर्देश दिया.
पोषण ट्रैकर पर 100% डेटा अपडेट करने का निर्देश
बैठक में पोषण ट्रैकर पर लाभुकों से संबंधित आंकड़ों की प्रविष्टि और उसकी अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की गयी. जिलाधिकारी ने सभी आवश्यक आंकड़ों की शत-प्रतिशत और गुणवत्तापूर्ण प्रविष्टि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने को कहा.
आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण होगा
जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित निरीक्षण और अनुश्रवण पर विशेष जोर दिया. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण कर केंद्रों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने का निर्देश दिया.
इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्वच्छ पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, भवन की स्थिति और बच्चों के लिए उपलब्ध अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी समीक्षा की गयी. डीएम ने बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ उन्हें गुणवत्तापूर्ण पोषण और पूर्व प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा.
लापरवाही मिलने पर कार्रवाई का निर्देश
बैठक में गर्भवती और धात्री महिलाओं को उपलब्ध करायी जा रही सेवाओं, बच्चों के पोषण स्तर, पोषण संबंधी गतिविधियों, केंद्रों के नियमित संचालन और विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर भी चर्चा हुई.
जिलाधिकारी ने सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की कमी या लापरवाही मिलने पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाये.
डीएम ने कहा कि आईसीडीएस योजनाओं का उद्देश्य बच्चों और महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा जैसी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराना है. इसलिए योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है.
उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने, योजनाओं की नियमित समीक्षा और अनुश्रवण करने तथा लंबित कार्यों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
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