सहरसा . जिले में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत कौशिकी जीविका शिक्षण प्रशिक्षण केंद्र, सुलिंदाबाद में कुल 38 पशु सखियों का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शनिवार को जीविका द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन आधारित आजीविका को सुदृढ़ करने व पशुधन संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया. प्रशिक्षण के दौरान पशु सखियों को पशु स्वास्थ्य प्रबंधन, संतुलित पोषण, विभिन्न पशु रोगों की पहचान, प्राथमिक उपचार तथा टीकाकरण संबंधी विस्तृत एवं व्यवहारिक जानकारी प्रदान की गयी. विशेष रूप से पीपीआर वैक्सीन के महत्व, उसके सुरक्षित उपयोग एवं समयबद्ध टीकाकरण की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया. कार्यक्रम में प्रशिक्षक के रूप में डॉ ज्ञानेंद्र त्रिपाठी ने सैद्धांतिक सत्रों के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया. जिससे प्रतिभागियों को फील्ड स्तर पर प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए सक्षम बनाया जा सके. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को पशुधन में होने वाली सामान्य बीमारियों के लक्षणों की पहचान, समय पर उपचार की आवश्यकता एवं पशुपालकों को जागरूक करने के उपायों पर भी मार्गदर्शन दिया. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पशु स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता एवं सुलभता बढ़ेगी. इस मौके पर जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक श्लोक कुमार ने बताया कि प्रशिक्षित पशु सखियां ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को समय पर आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराकर पशुधन हानि को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगी. उन्होंने कहा कि यह पहल ना केवल पशुपालन को सशक्त बनायेगी. बल्कि ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि कर आजीविका को स्थायी आधार प्रदान करेगी.
38 पशु सखियों का प्रशिक्षण संपन्न, ग्रामीण पशुपालन को मिलेगा नया बल
38 पशु सखियों का प्रशिक्षण संपन्न, ग्रामीण पशुपालन को मिलेगा नया बल
