राजेश कुमार सिंह, पतरघट (सहरसा) से रिपोर्ट:
Saharsa news: सहरसा जिले के पतरघट क्षेत्र में प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली की बिक्री के खिलाफ रविवार शाम जिला मत्स्य विभाग ने पुलिस के सहयोग से अभियान चलाया. इस दौरान विशनपुर ग्रामीण हाट समेत कई जगहों से भारी मात्रा में प्रतिबंधित मछली जब्त की गई.
जिला मत्स्य पदाधिकारी सुबोध कुमार अपनी टीम और पतरघट पुलिस के साथ विशनपुर ग्रामीण हाट पहुंचे, जहां कई मछली विक्रेताओं के पास से थाई मांगुर मछली बरामद हुई. जब्त मछलियों को विशनपुर हाट के पास जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर नमक डालने के बाद मिट्टी में दबाकर नष्ट किया गया.
जिला मत्स्य पदाधिकारी ने बताया कि थाई मांगुर मछली की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है. इसके बावजूद बिक्री करते पकड़े जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
अभियान के दौरान मत्स्य विभाग की टीम ने विशनपुर, जम्हरा सहित कई हाट-बाजारों में छापेमारी की. कार्रवाई के बाद प्रतिबंधित मछली बेचने वाले कारोबारियों में हड़कंप मच गया.
बताया गया कि प्रखंड मत्स्यजीवी सहयोग समिति लिमिटेड के मंत्री अशर्फी मुखिया ने 21 मई को जिला मत्स्य पदाधिकारी को आवेदन देकर प्रतिबंधित मछली की बिक्री रोकने की मांग की थी. आवेदन में आरोप लगाया गया था कि पतरघट, जम्हरा, विशनपुर, चिनाही, किशनपुर और पस्तपार बाजार समेत कई जगहों पर धड़ल्ले से थाई मांगुर मछली बेची जा रही है.
उन्होंने यह भी कहा था कि इस मछली के सेवन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. आवेदन की प्रतिलिपि जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को भी भेजी गई थी.
इस कार्रवाई के बाद लोगों में प्रतिबंधित मछली की बिक्री पर रोक लगने की उम्मीद बढ़ी है.
