सहरसा में रिमझिम बारिश बनी राहत भी, आफत भी,गर्मी से मिली निजात, लेकिन शहर की सड़कें बनीं तालाब

Saharsa News: सहरसा में रिमझिम बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया है, लेकिन जलजमाव की समस्या ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. किसानों के चेहरे पर खुशी है, लेकिन शहर की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.

सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट

Saharsa News: सहरसा में सोमवार से शुरू हुई रिमझिम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया. पिछले कई दिनों से उमस और तेज गर्मी से परेशान लोगों को आखिरकार राहत मिली. तापमान में गिरावट के साथ मौसम सुहावना हो गया, लेकिन इस राहत के साथ शहरवासियों की परेशानी भी बढ़ गई. कई इलाकों में जलजमाव ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर दिया और नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए.

सोमवार देर शाम तक रुक-रुक कर हुई बारिश के बाद मंगलवार सुबह भी हल्की वर्षा जारी रही. जहां किसानों के चेहरे खिल उठे, वहीं शहर की कई सड़कें पानी से भर गईं. राहगीरों, स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को जलजमाव के बीच आवाजाही करनी पड़ी.

किसानों के लिए राहत की बारिश

लगातार हुई बारिश का सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिला है. धान की रोपनी की तैयारी कर रहे किसानों का कहना है कि खेतों में पर्याप्त नमी आ गई है, जिससे खेती के काम में तेजी आएगी.

जिन किसानों ने धान की नर्सरी पहले से तैयार कर रखी है, उनके लिए भी यह बारिश काफी लाभदायक मानी जा रही है. कृषि विशेषज्ञों का भी कहना है कि खरीफ फसलों के लिए समय पर हुई यह वर्षा अनुकूल है और इससे उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ सकता है.

Saharsa News: शहर की सड़कों पर फिर दिखी पुरानी समस्या

बारिश ने एक बार फिर नगर निगम क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर सामने ला दी. शहर के प्रमुख चौक-चौराहों के अलावा कई गली-मोहल्लों में पानी भर गया.

सड़कों पर जलजमाव होने से लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी हुई. कई स्थानों पर नालियों का पानी भी सड़कों पर फैल गया, जिससे लोगों को गंदे पानी के बीच होकर गुजरना पड़ा.


सहरसा - हटिया गाछी मुख्य सड़क पर जलजमाव

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राहगीरों और स्कूली बच्चों की बढ़ी मुश्किल

जलजमाव का सबसे अधिक असर स्कूल जाने वाले बच्चों, पैदल चलने वाले लोगों और दोपहिया वाहन चालकों पर पड़ा. कई जगहों पर पानी भरने से सड़क और गड्ढों का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया.

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बारिश में यही स्थिति बनती है, लेकिन अब तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है.

नगर निगम से उठी ठोस कार्रवाई की मांग

बारिश के बाद शहरवासियों ने नगर निगम से जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि नालियों की नियमित सफाई और जलजमाव वाले इलाकों में त्वरित राहत कार्य शुरू किए जाएं, ताकि बारिश के मौसम में लोगों को बार-बार परेशानी का सामना न करना पड़े.

स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि समय रहते जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो मानसून के दौरान शहर के कई हिस्सों में हालात और अधिक गंभीर हो सकते हैं.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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