सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट:
Saharsa news: गंगा दशहरा के अवसर पर सोमवार को जिले भर के श्रद्धालुओं ने पवित्र नदियों और सरोवरों में स्नान कर पूजा-अर्चना की तथा दान-पुण्य किया. सुबह से ही गंगा स्नान को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखा गया.
गंगा स्नान के लिए खगड़िया और अन्य घाटों की ओर जाने वाली ट्रेनों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही. कई लोग निजी वाहनों से परिवार के साथ गंगा स्नान के लिए रवाना हुए. श्रद्धालुओं ने कोसी और गंगा नदी के विभिन्न घाटों, खासकर मुंगेर घाट और सिमरिया तट पर स्नान कर पूजा की और दान की परंपरा निभाई.
जानकारों के अनुसार गंगा दशहरा का पर्व ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को मनाया जाता है. इस दिन मां गंगा के स्वर्ग से धरती पर अवतरण की मान्यता है. पंडित कामेश्वर झा और रविन्द्र झा ने बताया कि इस दिन स्नान और दान का विशेष महत्व माना गया है.
उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यता के अनुसार राजा भागीरथ की तपस्या के बाद मां गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं. गंगा स्नान को पवित्र माना जाता है और इसे आत्मिक शांति तथा पुण्य से जोड़कर देखा जाता है.
श्रद्धालुओं ने मां गंगा को जीवनदायिनी बताते हुए उनकी स्वच्छता और अविरल धारा बनाए रखने का संदेश भी दिया.
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