Saharsa News: भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (BNMU) में कार्यरत अतिथि शिक्षकों का धैर्य अब जवाब देने लगा है. लगातार 11 महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण सैकड़ों शिक्षक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं. इसी मुद्दे को लेकर गुरुवार को एसएनएसआरकेएस महाविद्यालय के अतिथि शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने प्रदर्शन किया और सरकार तथा विश्वविद्यालय प्रशासन से लंबित वेतन का तत्काल भुगतान करने की मांग की. शिक्षकों का कहना है कि वे नियमित रूप से पढ़ाई करा रहे हैं, लेकिन महीनों से पारिश्रमिक नहीं मिलने के कारण परिवार चलाना तक मुश्किल हो गया है.
11 महीने से वेतन लंबित, शिक्षकों में बढ़ा असंतोष
भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों का आरोप है कि करीब 11 महीने से उनका वेतन भुगतान नहीं हुआ है.
लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण शिक्षकों में गहरा असंतोष है और वे इसे शिक्षा व्यवस्था के प्रति गंभीर उपेक्षा मान रहे हैं.
प्रदर्शन कर उठाई लंबित वेतन भुगतान की मांग
प्रदर्शन के दौरान एसएनएसआरकेएस महाविद्यालय अतिथि शिक्षक संघ की अध्यक्षा डॉ. लीना ने कहा कि राज्य में शिक्षा के विस्तार, नए कॉलेजों की स्थापना और उच्च शिक्षा को मजबूत करने की बात लगातार की जाती है, लेकिन वर्तमान में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को समय पर वेतन नहीं मिलना अत्यंत चिंताजनक स्थिति है.
उन्होंने सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की.
परिवार चलाना हुआ मुश्किल
डॉ. लीना ने बताया कि 11 महीने तक वेतन नहीं मिलने से सैकड़ों अतिथि शिक्षक और उनके परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं.
उनके अनुसार कई शिक्षकों की नियमित आय पूरी तरह रुक गई है, जिससे बैंक ऋण की किश्तें, बच्चों की पढ़ाई, किराया, इलाज और दैनिक जरूरतों का खर्च उठाना मुश्किल हो गया है.
उन्होंने कहा कि कई शिक्षक केवल उम्मीद के सहारे अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
दूसरे शहरों से आकर पढ़ा रहे हैं शिक्षक
अतिथि शिक्षकों ने बताया कि अधिकांश शिक्षक दूसरे शहरों से आकर विश्वविद्यालय और कॉलेजों में पढ़ा रहे हैं.
वे किराये के मकानों में रहते हैं और हर महीने किराया, भोजन, यात्रा और अन्य आवश्यक खर्च वहन करते हैं. इतने लंबे समय तक वेतन नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है.
शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ रहा असर
शिक्षकों का कहना है कि यदि लंबे समय तक यही स्थिति बनी रही, तो इसका असर उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और शिक्षण व्यवस्था पर भी पड़ेगा.
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में अतिथि शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, इसलिए उनके वेतन भुगतान में इतनी लंबी देरी उचित नहीं है.
Saharsa News: विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द समाधान की मांग
प्रदर्शन के दौरान अतिथि शिक्षकों ने मांग की कि 11 महीने का लंबित वेतन अविलंब जारी किया जाए, ताकि शिक्षकों और उनके परिवारों को राहत मिल सके.
उन्होंने यह भी कहा कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो आगे और व्यापक आंदोलन किया जाएगा.
अब नजर इस बात पर है कि भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय प्रशासन और राज्य सरकार इस मामले में कब तक ठोस निर्णय लेते हैं, क्योंकि लंबित वेतन का मुद्दा लगातार गंभीर होता जा रहा है.
