सहरसा में युवक की संदिग्ध मौत से गांव में सनसनी, शव गायब होने की चर्चा ने बढ़ाया रहस्य

Saharsa Mystery Death:सलखुआ के वनकटी गांव में 20 वर्षीय युवक की मौत के बाद उठे कई सवाल. पुलिस हर एंगल से कर रही जांच

Saharsa Mystery Death: वशिष्ठ कुमार सिंह, सलखुआ, सहरसा. सलखुआ थाना क्षेत्र के कोपरिया पंचायत अंतर्गत वनकटी गांव में 20 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थिति में मौत के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है. युवक की पहचान पांडव कुमार के रूप में हुई है, जो संजीत चौधरी का पुत्र था. घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि युवक का शव घटनास्थल पर नहीं मिला, जिससे मामला और रहस्यमय बन गया है.

सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची गांव

घटना की जानकारी मिलते ही एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर, अपर थानाध्यक्ष बबलू कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक दिलीप कुमार चौधरी और पीएसआई बिट्टू कुमार महिला पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. जांच पूरी होने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल सकेगा.

नशे की लत और पारिवारिक तनाव की बात आई सामने

मृतक की पत्नी चमेली देवी, मां पिंकी देवी और बहन चुनिया देवी ने बताया कि पांडव कुमार नशे का आदी था. वह अक्सर घर का सामान बेच देता था और नशीले पदार्थों का सेवन करता था. परिजनों के मुताबिक उसने हाल ही में अपना मोबाइल बेचकर नशा मंगाया था.

परिवार वालों ने बताया कि शुक्रवार को भी घर में विवाद हुआ था. मारपीट के बाद उसकी पत्नी मायके चली गई थी, जबकि मां भी घर से बाहर थी. शनिवार सुबह सूचना मिली कि युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है, लेकिन जब परिजन घर पहुंचे तो शव वहां नहीं था.

शव गायब होने की चर्चा से बढ़ा सस्पेंस

स्थानीय लोगों के बीच शव छुपाए जाने की चर्चा तेजी से फैल रही है. हालांकि पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. गांव वालों का कहना है कि युवक लंबे समय से सूखा नशा, सोल्यूशन और सनफिक्स जैसे नशीले पदार्थों का सेवन करता था.

घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. मृतक अपने पीछे पत्नी और डेढ़ साल के बेटे को छोड़ गया है.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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