सहरसा मंडी में मक्का-गेहूं के दाम पड़े नरम, चावल की बढ़ी चमक, जानिए आज का ताजा बाजार भाव

Saharsa Mandi : सहरसा मंडी में बदला बाजार का समीकरण. मक्का और गेहूं के दाम दबाव में हैं, जबकि चावल की बढ़ती मांग ने व्यापारियों के चेहरे पर लौटा दी मुस्कान. आखिर किस फसल में मिल रहा बेहतर मुनाफा?

Saharsa Mandi : सहरसा मंडी में इन दिनों अनाज बाजार का रुख किसानों और व्यापारियों दोनों के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है. मक्का और गेहूं के भाव में नरमी देखी जा रही है, जबकि चावल का बाजार मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है. मंडी में कृषि उत्पादों की सामान्य आवक के बीच मांग और आपूर्ति का संतुलन विभिन्न जिंसों के दाम तय कर रहा है. कारोबारियों का कहना है कि फिलहाल चावल बाजार की सबसे मजबूत कड़ी बना हुआ है.

मक्का की बढ़ी आवक ने दबाए भाव

मंडी कारोबारियों के अनुसार किसान लगातार मक्का बेचने के लिए मंडी पहुंच रहे हैं. बाजार में पर्याप्त मात्रा में मक्का उपलब्ध है, लेकिन बड़े खरीदारों की सक्रियता अपेक्षाकृत कम है. यही वजह है कि मक्का के दाम पर दबाव बना हुआ है.

रविवार को मक्का का भाव 1900 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल के बीच दर्ज किया गया. व्यापारियों का मानना है कि जब तक मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी नहीं होती, तब तक मक्का के दाम में बड़ी तेजी की संभावना कम है.

गेहूं बाजार में भी नरमी का असर

मक्का की तरह गेहूं बाजार में भी हल्की सुस्ती बनी हुई है. पर्याप्त उपलब्धता और सीमित खरीदारी के कारण गेहूं के भाव में मजबूती नहीं दिख रही है. मंडी में गेहूं 2400 से 2500 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिकता रहा.

विशेषज्ञों का कहना है कि नई मांग आने तक गेहूं के बाजार में इसी तरह की स्थिति बनी रह सकती है.

चावल ने बदला बाजार का मूड

जहां मक्का और गेहूं कमजोर बने हुए हैं, वहीं चावल के बाजार में उत्साह दिखाई दे रहा है. बाहरी राज्यों से बढ़ती मांग का असर सीधे कीमतों पर पड़ रहा है. चावल की कई प्रमुख किस्मों के दाम मजबूत बने हुए हैं, जिससे व्यापारियों और किसानों दोनों को राहत मिली है.

खिलाखिला चावल का भाव 5300 से 5400 रुपये प्रति क्विंटल रहा. वहीं 24 कैरेट बासमती और 24 कैरेट जी हां चावल 5700 से 5800 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिके. कारोबारियों का अनुमान है कि मांग बनी रही तो आने वाले दिनों में चावल के दाम और बढ़ सकते हैं.

दाल और तिलहन बाजार का हाल

दालों के बाजार में भी स्थिरता बनी रही. मसूर दाल 6500 से 7000 रुपये प्रति क्विंटल, अरहर दाल 12500 से 13000 रुपये और चना दाल 7500 से 8000 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिकती रही.

गोटा चना 6500 से 6700 रुपये और गोटा मूंग 10000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर कारोबार करता रहा. पीली सरसों का भाव 11000 से 12000 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया.

सब्जियों के भाव भी रहे स्थिर

मंडी में आलू 800 से 900 रुपये प्रति क्विंटल और प्याज 1600 से 1700 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिके. वहीं 15 लीटर धारा सरसों तेल का भाव 2550 से 2600 रुपये दर्ज किया गया.

अगले सप्ताह पर टिकी बाजार की नजर

मंडी विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों में मक्का की आवक और चावल की मांग बाजार की दिशा तय करेगी. यदि चावल की मांग मजबूत बनी रही तो इसमें और तेजी आ सकती है, जबकि मक्का और गेहूं के दाम मांग बढ़ने पर ही सुधरने की संभावना है.

किसानों और व्यापारियों को सलाह दी जा रही है कि वे मंडी के ताजा रुझानों पर लगातार नजर बनाए रखें, ताकि बेहतर समय पर अपनी उपज की बिक्री कर सकें.

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Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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