वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराने के लिए कुकिंग कोल के वितरण की योजना तैयार

एलपीजी गैस सिलिंडर वितरण की वर्तमान क्रियान्वयन स्थिति के संबंध में बुधवार को जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी आलोक कुमार ने विस्तृत जानकारी दी.

पीडीएस दुकानों पर उपलब्ध होगा कोयला, एलपीजी गैस आपूर्ति बहाल रखने का प्रयास जारी

सहरसा. दैनिक मीडिया ब्रीफिंग में जिले में रसोई गैस की वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर कुकिंग कोल के वितरण एवं आपूर्ति के सुचारु संचालन के लिए की गयी व्यवस्था, एलपीजी गैस सिलिंडर वितरण की वर्तमान क्रियान्वयन स्थिति के संबंध में बुधवार को जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी आलोक कुमार ने विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने कहा कि वर्तमान में दक्षिण पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई है, जिससे राज्य सहित जिले में भी रसोई गैस की उपलब्धता में समस्या उत्पन्न हुई है. आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में लिए गये निर्णय के आलोक में जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों को खाना पकाने के लिए वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराने के लिए कुकिंग कोल के वितरण की योजना तैयार की गयी है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आने वाले सभी पात्र गृहस्थी एवं अंत्योदय राशन कार्ड धारी परिवारों को यह लाभ दिया जायेगा.

प्रत्येक कार्ड धारी परिवार को प्रति माह 100 किलोग्राम कुकिंग कोल कराया जायेगा उपलब्ध

प्रत्येक कार्ड धारी परिवार को प्रति माह 100 किलोग्राम यानि एक क्विंटल कुकिंग कोल उपलब्ध कराया जायेगा. कोयले का वितरण संबंधित जन वितरण प्रणाली दुकानों के माध्यम से किया जायेगा. वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी. लाभुकों को ई-पॉश यंत्र के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही कोयला उपलब्ध कराया जायेगा. वितरण के बाद प्राप्त होने वाली पर्ची पर कोयले की मात्रा एवं मूल्य स्पष्ट रूप से अंकित रहेगा. कोयले की दर जिला टास्क फोर्स द्वारा परिवहन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तय की जायेगी. जिसमें कोयले का मूल मूल्य, बीएसएमसीएल का मार्जिन, हैंडलिंग चार्ज एवं पीडीएस विक्रेता का मार्जिन शामिल होगा. वहीं उन्होंने कहा कि जिले में विभिन्न गैस एजेंसियों के माध्यम से आपूर्ति बहाल रखने का प्रयास जारी है. वर्तमान आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल लंबित बुकिंग को क्लियर करने के लिए औसतन दो से चार दिनों का समय अपेक्षित है. आपूर्ति में आ रही बाधाओं को देखते हुए सरकार द्वारा कोयले को वैकल्पिक ईंधन के रूप में पेश किया गया है. जिला प्रशासन ने सभी जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं को निर्देशित करता है कि वे मार्गदर्शिका के अनुरूप ससमय चालान जमा कर कोयले का उठाव सुनिश्चित करें. साथ ही आम नागरिकों से अनुरोध किया कि वे धैर्य बनाए रखें एवं इस वैकल्पिक व्यवस्था का लाभ उठायें.

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By Dipankar Shriwastaw

Dipankar Shriwastaw is a contributor at Prabhat Khabar.

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