जगह-जगह उखड़ गयी गिट्टियां, बन गये हैं छोटे-बड़े गड्ढे

सुगमा पंचायत भवन अंतर्गत ठढ़िया महादलित टोला होते हुए प्राथमिक विद्यालय ठढ़िया तक मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत बनी सड़क महज तीन वर्षों में ही जर्जर हो गयी है.

मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत बनी सड़क महज तीन वर्षों में ही जर्जर

बनमा ईटहरी. प्रखंड क्षेत्र के सहुरिया पंचायत के सुगमा पंचायत भवन अंतर्गत ठढ़िया महादलित टोला होते हुए प्राथमिक विद्यालय ठढ़िया तक मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत बनी सड़क महज तीन वर्षों में ही जर्जर हो गयी है. लगभग 3.450 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण पर 435.08 लाख रुपये खर्च किये गये थे. निर्माण कार्य ग्रामीण कार्य विभाग, सिमरी बख्तियारपुर द्वारा कराया गया था. ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार की लापरवाही और घटिया निर्माण सामग्री के कारण सड़क समय से पहले ही टूट गयी. जगह-जगह गिट्टियां उखड़ गयी हैं और छोटे-बड़े गड्ढे बन गये हैं, जिससे आवागमन में भारी परेशानी हो रही है. हल्की बारिश में ही सड़क पर पानी भर जाता है और आवागमन ठप होने की स्थिति बन जाती है. स्थानीय निवासी सुभाष साह ने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान बनायी गयी पुलिया के दोनों ओर समुचित पिचिंग नहीं की गयी, जिससे किनारों पर कटाव हो गया और सड़क गड्ढे में तब्दील हो गयी है. राजकुमार शर्मा ने कहा कि सड़क के पांच वर्षों के रखरखाव के लिए 26 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गयी थी, लेकिन मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति की गयी. ग्रामीणों के अनुसार, सुगमा और ठढ़िया के बीच लगभग 200 मीटर सड़क अधूरी छोड़ दी गयी, जबकि पुलिया का निर्माण कर सरकारी राशि खर्च कर दी गयी. वहीं करीब 100 मीटर तक केवल मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया. हाल ही में सड़क पर बने रेनकट के कारण एक ट्रैक्टर लगभग 20 फीट गहरे गड्ढे में गिर गया था, जिसे जेसीबी की मदद से बाहर निकाला गया. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाये तथा अविलंब सड़क की मरम्मत कराई जाये, ताकि लोगों को राहत मिल सके.

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