कैदियों को फाइलेरिया के लक्षण, कारण व बचाव की दी गयी जानकारी
जेल अधीक्षक व उपाधीक्षक की पहल पर आयोजित किया गया कार्यक्रम
सहरसा. फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत जिले के मंडल कारा परिसर में बुधवार को विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का आयोजन जेल अधीक्षक निरंजन कुमार पांडेय एवं उपाधीक्षक मिथलेश कुमार, कार्यकारी अधीक्षक रत्नेश्वर कुमार, फार्मासिस्ट इंद्रजीत कुमार, ड्रेसर सुनील कुमार की पहल पर किया गया. इस दौरान स्वास्थ्य विभाग एवं पीरामल फाउंडेशन ने तीन सौ से अधिक कैदियों को फाइलेरिया रोग से बचाव के लिए डीईसी, एल्बडेंडजोल व आइवरमेक्टिन की खुराक खिलाई गयी. साथ ही कैदियों को बीमारी के लक्षण, कारण व रोकथाम के उपायों की जानकारी दी गयी. कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन प्रभारी सिविल सर्जन डॉ शिव शंकर एवं प्रभारी अधीक्षक मिथिलेश कुमार शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया.
मौके पर सिविल सर्जन ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य जेल परिसर में रह रहे सभी कैदियों को फाइलेरिया संक्रमण से सुरक्षित रखना और सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम को सफल बनाना था. कार्यक्रम के दौरान जेल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ मुकेश कुमार एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बताया कि फाइलेरिया एक संक्रमणजनित रोग है, जो मच्छरों के काटने से फैलता है. इसके लक्षणों में हाथ-पैरों में सूजन, दर्द, बुखार तथा थकान जैसी समस्याएं शामिल हैं. पिरामल के प्रोग्राम लीड आलोक कुमार ने बताया कि दवा खाने से इस रोग के परजीवी शरीर में निष्क्रिय हो जाते हैं. जिससे संक्रमण का प्रसार रुकता है. मौके पर मंडल कारा के उपाधीक्षक मिथलेश कुमार शर्मा एवं कारा चिकित्सक डॉ मुकेश खन्ना ने बताया कि जेल प्रशासन स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर सभी कैदियों को दवा सेवन कराने के लिए प्रतिबद्ध है. जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ रविंद्र कुमार ने बताया कि जिले में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए चल रहा सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम 27 फरवरी तक जारी रहेगा. अभियान के सफल संचालन के लिए जेल प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों की सराहना की गयी. मौके पर प्रभारी सिविल सर्जन डॉ शिवशंकर, उपाधीक्षक मिथलेश कुमार शर्मा, कार्यकारी अधीक्षक रत्नेश्वर कुमार, पिरामल के जिला प्रबंधक रिपुंजय कुमार, प्रोग्राम लीडर आलोक कुमार, डिस्ट्रिक्ट लीड अखलेश कुमार, फार्मासिस्ट इंद्रजीत कुमार सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे.