प्रेरक विचारों ने विद्यार्थियों में जगायी नयी ऊर्जा

कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के सभागार में बुधवार को विशेष सत्र का आयोजन किया गया.

सहरसा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में विशेष सत्र का हुआ आयोजन

सहरसा. कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के सभागार में बुधवार को विशेष सत्र का आयोजन किया गया. जिसका विषय व्यक्तित्व विकास एवं प्रेरणा सफलता की ओर एक कदम था. कार्यक्रम में गेस्ट स्पीकर के रूप में प्रो वीरेंद्र मोहन मौजूद थे. उनके साथ मंच पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ रामचंद्र प्रसाद एवं एसआईपी कोऑर्डिनेटर प्रो कृष्णा कुमार भी मौजूद थे. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्राध्यापक, विद्यार्थी एवं एनएसएस वॉलंटियर्स सम्मिलित हुए. अपने प्रेरक संबोधन में प्रो वीरेंद्र मोहन ने विद्यार्थियों को बताया कि सफलता का मूल मंत्र आत्मविश्वास एवं अनुशासन है. उन्होंने कहा कि पर्सनैलिटी डेवलपमेंट केवल अच्छे पहनावे या बोलचाल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के विचार, व्यवहार एवं दृष्टिकोण का समग्र विकास है. उन्होंने विद्यार्थियों को सेना जैसी संस्थाओं से प्रेरणा लेने की सलाह दी. जहां अनुशासन, समर्पण एवं टीमवर्क को जीवन का मूल आधार माना जाता है. उनके शब्दों ने मौजूद विद्यार्थियों में नयी ऊर्जा एवं आत्मबल का संचार किया.

प्राचार्य डॉ रामचंद्र प्रसाद ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जन नहीं है, बल्कि चरित्र निर्माण एवं आत्म-विकास है. उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया कि वे अपने अंदर छिपी क्षमताओं को पहचानें एवं उन्हें समाज के हित में प्रयोग करें. वहीं एसआईपी कोऑर्डिनेटर प्रो कृष्ण कुमार ने कार्यक्रम की सार्थकता पर प्रकाश डालते कहा कि इस प्रकार के सत्र विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं. ये सत्र ना केवल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें व्यवहारिक जीवन की चुनौतियों से जूझने का साहस भी प्रदान करते हैं. कार्यक्रम का समापन आभार ज्ञापन के साथ हुआ. छात्रों ने इस प्रेरणादायी सत्र से प्राप्त विचारों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया. यह सत्र ना केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व एवं सोच में नयी दिशा प्रदान करने वाला सिद्ध हुआ.

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By Dipankar Shriwastaw

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