इंटरनेट ऑफ थिंग्स व एआई पर दिया गया हेंड्स ऑन प्रशिक्षण

इंटरनेट ऑफ थिंग्स व एआई पर दिया गया हेंड्स ऑन प्रशिक्षण

राजकीय पोलिटेक्निक में आयोजित हुआ कार्यक्रमआईआईटी पटना के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने दिया प्रशिक्षण सहरसा . राजकीय पोलिटेक्निक में रविवार को आईआईटी पटना के प्रशिक्षकों द्वारा इंटरनेट ऑफ थिंग्स एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित व्याख्याताओं के लिए एक दिवसीय हेंड्स ऑन ट्रेनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया. प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य व्याख्याताओं को उभरती हुई आधुनिक तकनीकों से अवगत कराना एवं उन्हें उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाना था. प्रशिक्षण कार्यक्रम में राजकीय पोलिटेक्निक सहरसा, राजकीय पोलिटेक्निक मधेपुरा, राजकीय पोलिटेक्निक, राघोपुर सुपौल एवं राजकीय पोलिटेक्निक मधुबनी के व्याख्याताओं ने सक्रिय रूप से सहभागिता दी. प्रशिक्षण का आयोजन संस्थान के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भवन में किया गया. जिसमें आईआईटी पटना के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने इंटरनेट ऑफ थिंग्स एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित विभिन्न तकनीकों, सेंसर आधारित सिस्टम, डेटा मॉनिटरिंग, स्मार्ट कंट्रोल सिस्टम एवं उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर हेंड्स ऑन प्रशिक्षण प्रदान किया. प्रशिक्षण के दौरान व्याख्याताओं को आधुनिक उपकरणों एवं तकनीकी मॉडल के माध्यम से लॉट आधारित सिस्टम, सेंसर तकनीक, डेटा विश्लेषण, ऑटोमेशन एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के व्यावहारिक उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गयी. प्रशिक्षण से व्याख्याताओं की तकनीकी दक्षता में वृद्धि हुई. जिससे वे छात्र-छात्राओं को आधुनिक तकनीकों की बेहतर एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान कर सकेंगे. यह प्रशिक्षण छात्र-छात्राओं को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने व उन्हें रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा. संस्थान के सेटर ऑफ एक्सीलेंस के नोडल ऑफिसर प्रो मिंटू कुमार ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम व्याख्याताओं के लिए अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक रहा. इस प्रशिक्षण से उन्हें आधुनिक तकनीकों की व्यावहारिक समझ प्राप्त हुई. जिससे वे छात्र-छात्राओं को बेहतर तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान कर सकेंगे. संस्थान के प्राचार्य प्रो मिथुन कुमार ने कहा कि आईआईटी पटना के सहयोग से आयोजित यह हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण कार्यक्रम तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. इंटरनेट ऑफ थिंग्स एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उभरती हुई तकनीकें भविष्य की आवश्यकता हैं एवं इन क्षेत्रों में व्याख्याताओं का प्रशिक्षित होना अत्यंत आवश्यक है. इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम से व्याख्याताओं के ज्ञान एवं कौशल में वृद्धि होती है. जिससे वे छात्र-छात्राओं को आधुनिक, व्यावहारिक एवं उद्योगोन्मुख शिक्षा प्रदान कर सकते हैं. उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए आईआईटी पटना के प्रशिक्षकों एवं सभी सहभागियों को धन्यवाद दिया एवं विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का सकारात्मक प्रभाव छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक विकास व उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा. प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन से राजकीय पोलिटेक्निक सहरसा ने तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर व्याख्याताओं एवं छात्र-छात्राओं को आधुनिक व उभरती हुई तकनीकों से जोड़ने का प्रयास जारी रहेगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >