मिथिला के भाईचारे की संस्कृति का मिसाल है बनगांव होली

महोत्सव का मुख्य उद्देश्य अपने संस्कृति को संरक्षित कर आने वाली नई युवा पीढ़ियों को अपनी संस्कृति से अवगत करवाया जा सके.

तीन दिवसीय बनगांव होली महोत्सव का हुआ उद्घाटन कहरा बनगांव कलावती उच्च विद्यालय खेल मैदान में बुधवार को कला एवं संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय बनगांव होली महोत्सव का भव्य उद्घाटन विधायक डॉ आलोक रंजन, डीएम वैभव चौधरी, एडीएम निशांत कुमार, जिप उपाध्यक्ष धीरेंद्र यादव, प्रमुख रचना प्रकाश आदि ने संयुक्त रूप से द्वीप प्रज्वलित कर किया. इस मौके पर स्थानीय विधायक डॉ आलोक रंजन ने कहा कि बनगांव की होली ब्रज की होली के तरह प्रसिद्ध है. जो आपसी भाईचारा और सर्वधर्म सद्भाव को दर्शाता है. जिसके कारण इसे राजकीय दर्जा मिला. डीएम वैभव चौधरी ने कहा कि महोत्सव का मुख्य उद्देश्य अपने संस्कृति को संरक्षित कर आने वाली नई युवा पीढ़ियों को अपनी संस्कृति से अवगत करवाया जा सके. जिसे कालांतर में भी अपनी संस्कृति सुरक्षित रह सके. इसके पूर्व जिला प्रशासन द्वारा आगंतुक सभी अतिथियों सहित कलाकारों को पाग, चादर देकर सम्मानित और स्वागत किया. डीएम वैभव चौधरी की अध्यक्षता और एसडीओ प्रदीप कुमार झा के संचालन में आयोजित उद्घाटन समारोह के मौके पर होली कमेटी के अध्यक्ष रत्नेश्वर झा, सचिव मिहिर झा, उपाध्यक्ष महेश झा, राहुल झा बनगांव, चंदन झा, शंकर झा बाबा, रविशंकर झा, संजय वत्स, आशुतोष झा, प्रेम शंकर झा, मनोरजन खा, दिनकर झा, उपाध्यक्ष रुपेश कामत, उदय शंकर झा, कुमोद चौधरी, शक्तिनाथ मिश्रा, भरत राय, जवाहर मिश्रा, उमा खां, डॉ प्रो. अरुण खां, सुमन समाज, लाज़वानती झा, शंकर झा,बिको सरपंच, निर्मल मिश्रा, संजय मिश्रा, शंकर झा, ब्राह्मन्द झा, रविंद्र चौधरी, रघुदन ठाकुर, प्रसेनजीत राहुल कुमार झा सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे. बनगांव होली बन गया देश में भाईचारे का प्रतीक 18वीं सदी में परमहंस संत लक्ष्मीनाथ गोस्वामी द्वारा बनगांव में कृष्ण जन्माष्टमी और होली पर्व को एक आदर्श के रूप मे मनाने के कारण मिथिला सहित देश में इन पर्वों को सामाजिक भाईचारे के रूप में विख्यात हो गया. जो आज भी बनगांव में रह रहे सभी धर्मों एवं वर्गों के लोगों द्वारा परमहंस संत लक्ष्मीनाथ गोस्वामी के आदर्शो का पालन करते एक दूसरे के दरवाजे पर एक झुंड बनाकर जाकर होली मनाते आ रहे हैं. जिसे घुमौर होली के रूप मे देखा जाता है. जिसके प्रसिद्धि के कारण ही प्रत्येक वर्ष बनगांव होली मनाने और देखने स्थानीय सहित देश विदेशों के भी की राजनेता और प्रसिद्ध लोग आते रहते हैं. बनगांव होली की महत्ता देखते तत्कालीन कला एवं संस्कृति विभाग के मंत्री डॉ आलोक रंजन ने बनगांव होली को राजकीय दर्जा देते बनगांव होली महोत्सव की शुरुआत की गयी. जिससे बनगांव होली की संस्कृति को बढ़ावा मिल सके. महोत्सव में कलाकारों ने लोगों को किया मंत्रमुग्ध. बनगांव होली महोत्सव के पहले दिन स्थानीय लोक गायक और कलाकारों सहित देश के नामचीन गायक हेमंत बृजवासी ने महोत्सव में मौजूद दर्शकों को अपने गायकी से दिल जीत लिया. उन्होंने होली पर आधारित विभिन्न गानों एवं बॉलीवुड के गीत गाकर दर्शकों को झूमने को मजबूर कर दिया. वहीं बनगांव होली के अवसर पर पूर्व से ही भगवती स्थान में होने वाले पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम को होली महोत्सव में शामिल करते जिला प्रशासन द्वारा नई दिल्ली के प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित हरिश तिवारी द्वारा अपनी प्रस्तुति दे श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. फोटो – सहरसा 34 – महोत्सव का उद्घाटन करते डीएम सहित अन्य

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