सुर संग्राम में पिता व पुत्र हुए विजेता

सुर संग्राम में पिता व पुत्र हुए विजेता

सहरसा. परमहंस लक्ष्मीनाथ गोसांई स्मृति पर्व समारोह तीन दिवसीय कार्यक्रम योगीराज की भूमि काशी नगरी बनगांव बाबाजी कुटी में अंतिम दिन सुर संग्राम आयोजित किया गया. जिसमें जिले के दिग्गज प्रतिभागियों ने भी भाग लिया. विशेष कार्यक्रम सुर संग्राम जिसकी विशेषता महत्वपूर्ण थी. केवल बाबाजी द्वारा रचित भजन हीं मान्य होगा. जिसका उद्देश्य लक्ष्मीनाथ गोस्वामी के भजन को जन-जन तक पहुंचाना रहा. वहीं सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल के साधना स्थल खजुरी से योग प्रशिक्षक सेवक प्रभाकर व उनके पुत्र नन्हें योगी सुभद्र मिश्र उर्फ ओम विजेता बने. गुरुजी ने कहा कि बिना कला के व्यक्ति वैसे ही दिखाई देता है, जैसे बिना पूंछ के जानवर. बाबाजी का भजन संपूर्ण औषधि युक्त है. भजन आत्मसात करने मात्र से रोग, व्याधि दूर होता है. पिता पुत्र को एक साथ मंच पर देख दर्शक को आनंद का अनुभव हो रहा था. दूसरी तरफ आश्चर्य भी लग रहा था. नन्हें योगी सुभद्र मिश्र के गाये भजन से श्रोता मंत्रमुग्ध हो गये. गुरुजी ने योग पर आधारित भजन प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि गीत संगीत में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए.

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By Dipankar Shriwastaw

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