जिला पदाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में जिला स्तरीय राष्ट्रीय राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई. बैठक में डीएम ने एनएच 107 के निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर निर्माण एजेंसी को कड़ी चेतावनी देते हुए निर्देश दिया कि आगामी 20 जुलाई तक जहां-जहां सड़क क्षतिग्रस्त है या जलजमाव की स्थिति बनी है, वहां हर हाल में मरम्मत कार्य पूरा करें.
लापरवाही पर निर्माण एजेंसी के खिलाफ दर्ज होगी गैर-इरादतन हत्या की FIR
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सड़कों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाली एजेंसियों को साफ शब्दों में चेतावनी दी है. उन्होंने निर्देश दिया कि क्षतिग्रस्त और जलजमाव वाले सभी स्थलों पर दुर्घटना की आशंका को देखते हुए तत्काल आवश्यक सूचना पट्ट, सेफ्टी रिबन और बैरिकेडिंग लगाई जाए. जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि निर्माण एजेंसी की लापरवाही के कारण कोई सड़क दुर्घटना होती है या किसी व्यक्ति की जान जाती है, तो संबंधित एजेंसी के विरुद्ध भारतीय विधि के प्रावधानों के तहत गैर-इरादतन हत्या सहित अन्य उपयुक्त धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
एनएच और स्टेट हाईवे से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज
सड़कों को बाधारहित बनाने के लिए सदर और सिमरी बख्तियारपुर के अनुमंडल पदाधिकारियों को एनएच 327ई, 107, 106 और राज्य उच्च पथों (SH) से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में तेजी लाने को कहा गया है. बैठक में समीक्षा के दौरान सामने आई प्रगति इस प्रकार है:
- NH 327ई: कुल 98 अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किया गया था, जिनमें से 12 स्थानों से अवैध कब्जा हटाया जा चुका है.
- NH 107: यहां 189 अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिया गया था, जिसमें से 55 स्थलों को अतिक्रमण मुक्त करा लिया गया है.
- NH 106: चिन्हित किए गए सभी 09 स्थानों से अतिक्रमण को पूरी तरह से हटा दिया गया है.
- राज्य उच्च पथ (SH): पथ निर्माण प्रमंडल द्वारा जारी नोटिस के आलोक में सभी 06 चिन्हित स्थानों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शत-प्रतिशत पूर्ण कर ली गई है.
अवैध पार्किंग और नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़े करने पर लगेगा जुर्माना
यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए जिला परिवहन कार्यालय के प्रवर्तन अवर निरीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) और सभी थानाध्यक्षों को नियमित जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं. इसके तहत राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध रूप से पार्किंग करने वाले वाहनों, नो-पार्किंग क्षेत्र में गाड़ी खड़ी करने वालों और सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अर्थदंड (जुर्माना) अधिरोपित किया जाएगा.
"जिले में सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है. राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्य उच्च पथों पर सुरक्षित, सुगम एवं बाधारहित यातायात सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से काम करें. नियमों के उल्लंघन और निर्माण कार्यों में लापरवाही को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा." — दीपेश कुमार, जिला पदाधिकारी (DM), सहरसा
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, अपर समाहर्ता निशांत, जिला परिवहन पदाधिकारी सुजीत कुमार वरणवाल, राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 107, 327ई व 106 के प्रतिनिधि, पथ निर्माण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य प्रमंडल के पदाधिकारी सहित अनुमंडल पदाधिकारी एवं यातायात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.
