Saharsa: 'प्यारे पापा, अब जीने का मन नहीं है', दूल्हे पर प्रताड़ना का आरोप लगा गायब हो गई लड़की

Saharsa: बिहार के सहरसा जिले में एक लड़की गायब हो गई है. गायब होने से पहले उसने एक पत्र लिखा जिसमें उसने होने वाले पति और उसके परिवार पर कई गंभीर आरोप लगाए.

Saharsa: सहरसा जिले के शाहपुर में प्रिया राज नाम की एक लड़की ने एक पत्र लिखा और घर से गायब हो गयी. इस मामले को लेकर स्थानीय थाना में लड़की के पिता नीरज कुमार गुप्ता के आवेदन पर आठ नामजद लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है. प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि सहरसा जिला मुख्यालय के महावीर चौक निवासी चंदन गुप्ता के पुत्र शिवम गुप्ता से उनकी बेटी प्रिया राज की शादी तय हुई थी. दोनों पक्ष की तरफ से सगे-संबंधियों के द्वारा लड़के व लड़की को देखने के बाद राजी खुशी से 15 लाख रुपये लेकर शादी करने की बात पर सहमति बनी थी. इसके बाद 21 जुलाई को जिला मुख्यालय के देव रिसॉर्ट में दोनों पक्ष के राजी खुशी अनुसार रिंग सिरेमनी भी किया गया. इसमें शहर से लेकर प्रखंड के कई नामचीन चेहरे और दोनों पक्ष के अतिथि रिश्तेदार गेस्ट शामिल हुए.

प्रिया राज इस वजह से हो रही थी परेशान

10 लाख रुपये नकद देने के बाद रिंग सेरेमनी का डेट तय हुआ था. सात लाख रुपये रिंग सिरेमनी के खाना से लेकर कपड़े और ज्वेलरी में खर्च की थी, लेकिन इसके बाद लड़के के पिता चंदन गुप्ता से जब शादी की दिन तय करने गये, तो वे आजकल कहकर टाल मटोल करते रहे. इसके बाद प्रखंड नवहट्टा से लेकर जिला मुख्यालय के कई नामचीन चेहरे के साथ पंचायती भी हुई. इसमें लड़के के पिता चंदन गुप्ता शादी का समय लिया, फिर इनकार कर दिया. उसके बाद शिवम गुप्ता, पूजा गुप्ता, सिमरन गुप्ता ने लड़की को अपनी मोबाइल से गलत मैसेज भेज शादी करने से इनकार कर दिया. इससे उनकी लड़की मानसिक रूप से परेशान हो गयी.

बिना किसी को बताए घर से निकल गई प्रिया राज

प्रिया राज के पिता ने बताया कि मेरी लड़की इस तरह की घटना और उन लोगों के द्वारा की गयी प्रताड़ना और शोषण से परेशान होकर 13 दिसंबर को रात में बिना कहे एक पत्र लिखकर रात में निकल गयी. हम लोग खोजबीन कर रहे हैं. पता नहीं चल रहा है. हो सकता है कि इन लोगों की इस तरह की गलती से तंग आकर आत्महत्या कर ली हो. इसके जिम्मेदार चंदन गुप्ता, लता गुप्ता, शिवम गुप्ता, आदित्य गुप्ता, पूजा गुप्ता, सिमरन गुप्ता, नंदिनी गुप्ता, गोपाल गुप्ता हैं.  थानाध्यक्ष ज्ञानरंजन कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही स्थलीय निरीक्षण अपर थानाध्यक्ष रीता कुमारी के द्वारा किया गया है. गायब लड़की के पिता नीरज गुप्ता के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है. मामले की गंभीरता पूर्वक जांच की जा रही है. वरीय अधिकारी को सूचना दी गयी है.

पत्र में लड़की ने लगाए कई आरोप

पुलिस को बरामद पत्र में गायब लकड़ी प्रिया राज ने अपने पिता के प्रति प्रेम प्यार जाहिर करते अपनी छोटी बहनों से उनके सेहत के ख्याल रखने की जिक्र किया है. होने वाले पति शिवम और उनके परिजन को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है. पत्र में प्रिया राज ने लिखा है कि जब से उसकी शादी टूटी है, तब से वह बहुत डिप्रेशन में रहने लगी. हर पल दिमाग में कुछ न कुछ चलता ही रहता है. इतना ज्यादा सोचने लगी हूं कि कभी-कभी पता ही नहीं चलता है कि मैं जिंदा भी हूं कि नहीं. जब से मेरी शादी टूटी है, मेरे पापा की भी तबीयत दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है. मुझे यह सब बर्दाश्त नहीं हो रहा है. इसलिए मैं सुसाइड करने जा रही हूं. लड़की ने शादी में देने वाले 15 लाख तिलक और सगाई में खर्च किये गये पैसे का भी जिक्र किया है. अपने पिता से यह भी आग्रह किया है कि छोटी रानी और मुस्कान को इतना काबिल बना दीजिए कि उन दोनों को ये दिन कभी नहीं देखना पड़े. थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन कुमार के निर्देशानुसार एसडीआरएफ टीम द्वारा कोसी तटबंध किनारे नदी में रेस्क्यू कर शव खोजा गया, लेकिन देर शाम तक कोई पता नहीं चल पाया.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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