कहरा : निश्चय यात्रा के क्रम में 17 दिसंबर को सहरसा आ रहे सीएम नीतीश कुमार को सात निश्चय के तहत तैयार किये गये नवटोलिया गांव आना था. लेकिन अंतिम समय में सीएम के यहां आने का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया. लेकिन नीतीश के आने की आहट मात्र से सिरादेयपट्टी पंचायत के इस अतिपिछड़े गांव की सूरत संवर गई. गांव सभी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैश हो गया. शौचालय, नल-जल, बिजली, सड़क-नाला की सुविधा पाकर ग्रामीण काफी खुश हैं.
नीतीश के आने की आहट से संवर गया नवटोलिया
कहरा : निश्चय यात्रा के क्रम में 17 दिसंबर को सहरसा आ रहे सीएम नीतीश कुमार को सात निश्चय के तहत तैयार किये गये नवटोलिया गांव आना था. लेकिन अंतिम समय में सीएम के यहां आने का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया. लेकिन नीतीश के आने की आहट मात्र से सिरादेयपट्टी पंचायत के इस अतिपिछड़े […]

विकास से अंजाना था नवटोलिया
जिला मुख्यालय से चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित सिरादेयपट्टी पंचायत का नवटोलिया विकास की कहानियों से बिल्कुल अंजाना व अनदेखा था. यहां अब तक आदिम सभ्यताओं की तरह खेतों में ही शौच जाने की परंपरा थी. यहां के लोग पीने, नहाने, कपड़ा साफ करने व खाना बनाने के लिए तालाब, कुएं या चापाकल पर निर्भर थे. ग्रामीणों के लिए बिजली महंगी व अमीरों के अधिकार की सुविधा समझी जाती थी. गंदे पानी को खुले में बहाना या गड्ढ़ों में जमा करने का ही ज्ञान था. 1000 की जनसंख्या वाले इस एक गांव में शिक्षित पुरुषों का प्रतिशत महज 25 है. जबकि लगभग 20 फीसदी महिला महज साक्षर ही हैं. यह एक पंचायत के एक वार्ड की ताजा तसवीर है. जबकि इस पंचायत में पांच और भी गांव हैं. जहां शिक्षा सहित रहन-सहन का आंकड़ा इससे भी काफी नीचे है.