परेशानी. छाया रहा कोहरा, दस बजे शुरू हुई सामान्य दिनचर्या, लोग हलकान
एनएच 107 पर कुहासा व दीवारी रोड में छाया रहा कोहरा
अलाव जलाने की नहीं हुई व्यवस्था
घने कोहरे ने भी लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. सुबह दस बजे तक कोहरे की वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
सहरसा : पिछले तीन दिनों में मौसम में तेजी से परिवर्तन हो रहा है. ठंड ने पूरी तरह दस्तक दे दी है. घने कोहरे ने भी लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. आधी रात के बाद से ही कोहरा लगना शुरू हो जाता है. घने कोहरा व ठंड की वजह से आम जन जीवन पर भी असर पड़ने लगा है. सुबह दस बजे तक कोहरे की वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. कोहरा की वजह से शाम होते ही लोग घर में दुबकने को मजबूर हो जाते हैं. ठंड का असर आम जनजीवन पर सीधा दिखने लगा है.
सुबह और शाम के समय लोग चौक चौराहे पर आग लगाकर सर्द हवाओं से बचाव का प्रयास कर रहे हैं. ठंड के कारण बाजार में लोगों की चहल -पहल भी कम दिखाई दे रही है. प्रशासनिक स्तर पर अलाव लगाने की कोई व्यवस्था नहीं की गयी है. ज्ञात हो कि लगातार बह रही पछिया हवा के साथ सुबह से छाये घने कुहासे ने भी लोगों की परेशानी बढ़ा दी है.
सुबह से जारी घना कोहरा दिन के दस बजे तक छाया रहा. हालांकि दस बजे लोगों को भगवान भास्कर के दर्शन हुए, लेकिन सूर्य की तपिश धरती तक उतर पाने में नाकामयाब रही और सर्द हवा शरीर की सिहरन को बढ़ाती रही. लोग घरों में कंबल व रजाई सहित अलाव के सहारे दुबके रहे. कार्य दिवस होने की वजह से सड़कों पर भी आमजनों की आवाजाही बनी रही. ठंड के वजह से लोग माॅर्निंग वाक पर भी कम निकल रहे हैं.
बच्चों व बुजुर्ग के लिए परेशानी
ठंड के कारण छोटे बच्चे व बुजुर्गों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मजबूरन इन लोगों को भी अधिकांश समय घरों में कैद रहकर बिताना पड़ रहा है. हालांकि स्कूल व कोचिंग जाने वाले छात्रों को रोजाना बढ़ती ठंड से दो चार होना पड़ता है. घना कोहरे की वजह से सड़कों पर चलने वाली गाड़ियों को दिन में भी लाइट व डीपर को प्रयोग करना पड़ा. एनएच 107 पर कोहरे का असर ज्यादा दिखा. इस वजह से गाड़ियां भी हॉर्न व लाइट के सहारे धीरे-धीरे रास्ता तय कर रही थी.
बाजार भी पड़ा है ठंडा
शीतलहर की वजह से बाजार में भी ग्राहकों की आवाजाही अन्य दिनों की अपेक्षा काफी कम रही. दुकानदार बताते हैं कि शादी का सीजन होने के बावजूद लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं. खास कर अंतिम समय में ठंड के तेवर ने भी गर्म कपड़े के बाजार को राहत नहीं दी है. व्यवसायी ऊनी कपड़े की बिक्री नहीं होने को लेकर परेशान हैं.
अलाव की नहीं है व्यवस्था
शहर से लेकर गांव तक कहीं भी जिला प्रशासन या आपदा विभाग द्वारा मुकम्मल रूप से अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं की गयी है. संपन्न लोग घरों में रूम हीटर के सहारे ठंड से बचाव में लगे रहे. वहीं गरीब तबके के लोग सड़क किनारे निजी व्यवस्था से लकड़ी व पेपर इकट्ठा कर शीतलहर को चुनौती देते दिखे. लोगों ने कहा कि अलाव जलाने का समय शुरु हो गया है प्रशासन को उपलब्ध कराना चाहिए.
मधुमेह व रक्तचाप रोगियों के लिए खतरा
शहर के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ एचआर मिश्रा कहते हैं कि अत्यधिक ठंड मधुमेह व रक्तचाप के मरीजों के लिए परेशानी खड़ी कर देता है. ऐसे लोगों को ठंड से बचाव करना चाहिए.
