जिले के अधिकारियों ने राजकीय सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई
सहरसा : स्थानीय गांधी पथ निवासी स्वतंत्रता आंदोलन के सिपाही 87 वर्षीय गजाधर प्रसाद जायसवाल का रविवार देर शाम अपने आवास पर निधन हो गया. उनके मौत की खबर सुनते ही जिले में गम का माहौल छा गया. हर कोई यह खबर सुनने के बाद उनके आवास की ओर अंतिम दर्शन के लिये लोग उमड़ पड़े. सोमवार की सुबह से ही लोगों अंतिम दर्शन के लिए तांता लगना शुरू हो गया था. उनकी एक झलक पाने के लिए हर कोई बैचेन था.
जिले के अधिकारी हुए शामिल : आजादी की लडाई के दौरान अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले गजाधर जायसवाल के शव को तिरंगे में लपेट पुरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गयी. जिला प्रशासन की ओर से सदर एसडीओ मो जहांगीर आलम व सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार विश्वास व कहरा सदर के बीडीओ सुदर्शन कुमार स्वतंत्रता सेनानी के घर पहुंच पुरे आदर व सम्मान से शव पर माल्यार्पण कर उन्हें सलामी दी.
मालूम हो कि देश की आजादी की लडाई के दौरान मधेपुरा पोस्ट ऑफिस में आगजनी व सलखुआ में रेल पटरी उखाड़ने में वे भी अपनी सहभागिता निभाई थी. देश की आजादी की लड़ाई में उनके योगदान को देखते हुए इसी साल 9 अगस्त को उन्हें राष्ट्रपति सम्मान से भी सम्मानित होने का गौरव हासिल हुआ था. उनके सम्मान से पुरे जिले के लोगों ने भी उनका जगह जगह सम्मान समारोह आयोजित कर उन्हें सम्मान देने का काम किया था.
इस सम्मान के बाद इस साल 15 अगस्त के मुख्य समारोह में भी प्रमंडलीय आयुक्त कुवंर जंग बहादुर सिंह के हाथों उन्हें स्वतंत्रता सेनानी के रूप में अंतिम सम्मान होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था. सोमवार को उनका अंतिम संस्कार रिफ्यूजी कॉलनी स्थित शमसान में किया गया. मुखाग्नि उनके छोटे पुत्र मनोज जायसवाल ने दिया. इस मौके पर भाजपा के पूर्व विधायक डॉ आलोक रंजन, गोपाल चौधरी, कांग्रेस नेता रामसागर पांडे, जाप नेता हरिहर प्रसाद गुप्ता, अमर ज्योति, भाजपा व्यवसाय मंच के अध्यक्ष राजीव रंजन साह सहित कई पार्टी व सामाजिक क्षेत्र के लोग मौजूद थे.
पूर्व सांसद सह विधायक ने जतायी शोक संवेदना : सहरसा. राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित स्वतन्त्रता सेनानी 87 वर्षीय गजाधर प्रसाद जयसवाल के निधन पर पूर्व सांसद सह विधायक दिनेश चंद्र यादव ने गहरी शोक संवेदना ब्यक्त किया है.
