गोलीबारी से सहमा है सहरसा, पुलिस बेफिक्र

पक्ष-विपक्ष के राजनीतिक दल भी नहीं उठा रहे आवाज, सब हैं मौन सहरसा : अपराध, अपराधी व बदमाशों पर पुलिस की कोई पकड़ नहीं रह गयी है. खाकी का खौफ बिल्कुल समाप्त-सा हो गया है. दिन-दहाड़े गोलीबारी की घटना हो रही है. सरेआम लोगों पर गोलियां दागी जा रही है. वे मारे जा रहे हैं. […]

पक्ष-विपक्ष के राजनीतिक दल भी नहीं उठा रहे आवाज, सब हैं मौन
सहरसा : अपराध, अपराधी व बदमाशों पर पुलिस की कोई पकड़ नहीं रह गयी है. खाकी का खौफ बिल्कुल समाप्त-सा हो गया है. दिन-दहाड़े गोलीबारी की घटना हो रही है. सरेआम लोगों पर गोलियां दागी जा रही है. वे मारे जा रहे हैं. गोली की गूंज से पूरा जिला लगातार थर्राता रहा है. लोगों में दहशत है. फिर भी पुलिस अपनी कार्यशैली में बदलाव नहीं ला रही है.
विधि-व्यवस्था बेपटरी
बीते तीन महीने से मुख्यालय सहित जिले के हर कोने में हो रही गोलीबारी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. पुलिस की निष्क्रियता व अकर्मण्यता विधि-व्यवस्था पर लगातार सवाल खड़े कर रहा है. लेकिन इसे पटरी पर लाने का राजनीतिक दलों की ओर से भी कोई प्रयास नहीं हो रहा है. न तो सत्ता पक्ष के लोग कुछ कहते नजर आ रहे हैं और न ही राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर धरना, प्रदर्शन व पुतला दहन करने वाले विपक्ष को ही अपने घर की समस्या दिख रही है. ऐसे में लोगों को शहर नेताविहीन-सा लगने लगा है. प्रभात खबर ने पार्टी के जिला प्रमुखों से बात की.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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