हादसे की रहती है आशंका लापरवाही. रेलवे ट्रैक के किनारे फिर लग गयीं कई दुकानें

रानीबाग ढाला के निकट रेलवे ट्रैक के किनारे अतिक्रमण हटाये जाने के दो दिन बाद फिर कई दुकानें लग गयी. रेलवे ट्रैक के किनारे अतिक्रमण से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. सिमरी बख्तियारपुर : पूर्व मध्य रेलवे अंतर्गत सहरसा-मानसी रेलखंड के सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन के समीप रानीबाग ढाला के निकट रेलवे ट्रैक के […]

रानीबाग ढाला के निकट रेलवे ट्रैक के किनारे अतिक्रमण हटाये जाने के दो दिन बाद फिर कई दुकानें लग गयी. रेलवे ट्रैक के किनारे अतिक्रमण से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.

सिमरी बख्तियारपुर : पूर्व मध्य रेलवे अंतर्गत सहरसा-मानसी रेलखंड के सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन के समीप रानीबाग ढाला के निकट रेलवे ट्रैक के किनारे अतिक्रमण हटाये जाने के दो दिन बाद ही अतिक्रमण का साम्राज्य फिर से छा गया.
ढाला के निकट और ट्रैक के किनारे एक बार फिर से लोगों ने अपने कारोबार स्थापित कर लिए हैं. कोई यहां खाली जगह पर कपड़ा बेचते है, तो कोई सूप-डगरा समेत अन्य फुटपाथी की दुकान चला रहे है. फिर भी इस अतिक्रमणकारियों के खिलाफ रेलवे ठोस कोई ठोस कार्रवाई कार्यवाई करने की बजाय ढुलमुल रवैया अपना रहा है.
रोजाना 20 रुपये देते
हैं रेलवे को
रविवार को ट्रैक के किनारे फुटपाथी दुकान लगा चुके लोगों ने बताया कि हम पैसे दे कर यहां दुकान करते हैं न कि मुफ्त में. दुकानदारों ने बताया कि रेलवे के लोकल स्टॉफ को बीस रुपया प्रति दुकान रोज का देते हैं. यहां बताना जरुरी है कि सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन के मालगोदाम से लेकर रानीबाग गुमटी तक दोनों ओर लगभग एक किलोमीटर की परिधि में स्थानीय लोगों ने रेलवे की जमीन पर कब्जा कर लिया है. जो कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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