कुहासा की वजह से वाहन चालकों को हुई परेशानी
धूप खिलने पर लोगों ने ली राहत की सांस
सहरसा : जिला मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्र में शुक्रवार की शाम से शनिवार को सुबह तक कोहरा छाया रहने से जन जीवन अस्त व्यस्त रहा. कोहरे की अधिकता होने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 107 पर वाहन रेंगकर चलते रहे.
सड़क किनारे लोग देर तक अलाव ताप कर सरदी से बचाव का जतन करते नजर आये. सरदी कोहरे के कारण पक्षियों को भी आसमान में विचरण करने में परेशानी हुई. करीब आठ बजे सुबह कोहरा छंटने के बाद धूप खिलने पर लोगों ने राहत की सांस ली.
घने कोहरे से हुई परेशानी: शनिवार सुबह का तापमान कम होने से सुबह आठ बजे तक कोहरे की स्थिति बनी रही. बादल होने के कारण सुबह के समय वाहन चालकों को भी परेशानी हुई. हालांकि सुबह बादल हटने के बाद धूप निकलना शुरू हो गया था. हवाओं के कारण धूप में भी तेजी नहीं होने के कारण ठंड का वातावरण बना रहा. इस कारण सुबह में गर्म कपड़े पहनने के बाद ठंडी हवा से बचने के लिये अलाव के सहारे लोग बैठे रहे. सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों को खासी परेशानी उठाना पड़ी. सुबह उठकर तैयार होने के दौरान बच्चों को परेशानी हो रही है.
घना कोहरा है, धीमे चलें: सरदी का मौसम आने के साथ ही क्षेत्र की सड़कें कोहरे में डूबने लगी है. इसके साथ ही सड़कों पर दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ गयी है. सरदी के पिछले कई सीजन भीषण सड़क दुर्घटनाओं का गवाह रहा है. इसमें कई की जानें जा चुकी है. इसलिए आने वाले करीब दो माह वाहन चालकों के लिए मुश्किल भरा हो सकता है. कोहरे के मौसम में छोटे बड़े वाहन चालकों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत पड़ेगी.
वाहन धीमा चलायें और इंडिकेटर जलायें: कोहरे में डूबी सड़कों पर वाहनों को धीमा चलाने की हिदायत दी जाती है. इसके साथ ही इंडिकेटर अथवा साइड बल्ब अवश्य जलाना चाहिए. एक बड़ा वाहन यदि आगे चल रहा हो तो उसके पीछे अन्य वाहनों को दूरी बनाकर कतारबद्ध चलाना चाहिए. नशे की हालत में गाड़ी नहीं चलाये. हेलमेट का हमेशा प्रयोग करें. अधिक कोहरा हो, सड़क दिखे नहीं तो वाहन चलाने से बचना चाहिए. कोहरे में दुर्घटनाओं से बचने के लिए सड़कों का दुरुस्त रहना भी आवश्यक है.
बैजनाथपुर स्थित एनएच 107 पर कोहरे की चादर में लिपटा वाहन.
