- मुख्य डाकघर स्थित केंद्र में 46 दिनों में 397 लोगों ने लिया सुविधा का लाभ
- कोसी सहित अन्य प्रमंडल के लोग आते है केंद्र
- दरभंगा व पटना जाने से मिली मुक्ति
सहरसा : मुख्य डाकघर में बीते जनवरी माह में पासपोर्ट सेवा केंद्र के चालू होने के बाद विदेश जाने वाले लोगों की परेशानी कम हो गयी है. लोग पासपोर्ट के लिए आवेदन करने के बाद निर्धारित समय पर डाकघर पहुंच अपना कागजात जांच करा अन्य प्रक्रिया पूरा कर रहे हैं. जिसके बाद उन्हें एक माह के अंदर पासपोर्ट मिलने लगा है.
मालूम हो कि प्रधान डाकघर में एक समारोह में भाग लेने पहुंचे पोस्ट मास्टर जनरल पूर्वी प्रक्षेत्र अनिल कुमार ने कई माह पूर्व डाकघर में पासपोर्ट सेवा केंद्र चालू होने की बात कही थी. जिसके बाद जनवरी माह से सेवा की शुरुआत की गयी.
सेवा केंद्र के चालू होने से लोगों को दरभंगा व पटना जाने से मुक्ति मिल गयी है. पहले लोगों को एप्वाइंटमेंट मिलने के बाद एक दिन पूरा समय दरभंगा व पटना आने जाने में लग जाता था. अब लोग दिन में निर्धारित समय पर पहुंच अपना कार्य करा पुन: दूसरे कार्य भी कर रहे हैं.
ट्रायल में ही लोग जम कर ले रहे हैं लाभ
जानकारी के अनुसार विदेश मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद वर्ष के जनवरी माह से मुख्य डाकघर में ट्रायल के लिए सेवा की शुरुआत की गयी. जिसमें लोगों ने काफी दिलचस्पी दिखायी है. शुरुआत में मुख्य डाकघर के एक कर्मी के अलावे पासपोर्ट कार्यालय से दो कर्मी उदय प्रसाद सिंह व देवचंद्र कुमार की प्रतिनियुक्ति की गयी थी.
वर्तमान में मुख्य डाकघर में पदस्थापित पोस्टल सहायक तरुण कुमार लोगों की कागजात की जांच व अन्य प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं. जानकारी के अनुसार मार्च में ही सेवा केंद्र की विधिवत शुरुआत होनी थी, लेकिन अब चुनाव के बाद ही संभव नजर आ रहा है.
68 दिन में 46 दिन मिली सुविधा : वर्ष के 24 जनवरी से लोग पासपोर्ट सेवा केंद्र पहुंच अपनी प्रक्रिया पूरा कर रहे हैं. 24 जनवरी से अभी तक लोगों ने 46 दिन सेवा केंद्र पहुंचे हैं. जानकारी देते कर्मी तरुण कुमार ने बताया कि पासपोर्ट बनाने के लिए लोगों को पहले ऑनलाइन करना पड़ता है.
जिसमें ऑनलाइन ही शुल्क का भुगतान करना पड़ता है. जिसके बाद उन्हें कब और किस समय में पासपोर्ट सेवा केंद्र जाना है कि जानकारी दी जाती है. निर्धारित तिथि व समय पर जन्म प्रमाण पत्र के लिए दसवीं का सर्टिफिकेट, आवासीय प्रमाण पत्र, शैक्षणिक कागजात लेकर आना होता है.
जहां सभी कागजात की जांच करने के बाद फोटो व बायोमीट्रिक निशान लिया जाता है. जिसके बाद फार्म को पटना भेजा जाता है. क्षेत्रीय कार्यालय पटना से व्यक्ति के संबंधित थाना को पुलिस वेरिफिकेशन के लिए भेजा जाता है. पुलिस रिपोर्ट मिलने के लगभग एक माह बाद पासपोर्ट संबंधित को मिल जाता है.
सुविधा एक नजर में : पासपोर्ट सेवा केंद्र के कर्मी के अनुसार मुख्य डाकघर स्थित केंद्र में सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, पूर्णिया व बेगूसराय सहित अन्य जिलों के लोग भी सुविधा लेने के लिए आते है.
