बिहार के इन जिलों में 260 रूटों पर चलेंगी 521 बसें, ग्रामीण इलाकों वाले पर्यटन जगहों तक पहुंचना होगा आसान

Rural Tourist Places Bus Service: बिहार के वैसे पर्यटन स्थल जो कि ग्रामीण इलाके में हैं और वहां तक पहुंचना पर्यटकों के लिए मुश्किल होता है, वैसे जगहों के लिए अब बस चलाने का फैसला लिया गया है. राज्य के 260 रूटों पर लगभग 521 बसें चलाए जाने की प्लानिंग है.

पटना से प्रह्लाद कुमार की रिपोर्ट
Rural Tourist Places Bus Service:
बिहार के ग्रामीण पर्यटन स्थलों तक आसानी से पहुंचने के लिए परिवहन विभाग की ओर से खास तैयारी की गई है. देश-विदेश के पर्यटकों को यहां तक पहुंचाने के लिए 260 से भी ज्यादा रूटों पर 521 बसों को चलाया जाएगा. इसकी शुरुआत 2 अक्टूबर से होगी. इन सभी रूटों पर पीपीपी मोड में इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों का परिचालन होगा, ताकि ग्रामीण इलाकों में प्रदूषण के कारण लोगों को परेशानी नहीं झेलनी पड़े.

क्या है बिहार सरकार का उद्देश्य?

अधिकारियों के मुताबिक, पर्यटन विभाग और परिवहन विभाग के एकसाथ प्रयास से ग्रामीण पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों की आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 521 से अधिक बसों को चलाया जाएगा. इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर सृजित करना है.

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धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ेंगे पर्यटन

परिवहन विभाग के मुताबिक, इस योजना के तहत उन ग्रामीण इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत से जुड़े पर्यटन स्थल मौजूद है. इन जगहों तक नियमित बस सेवा मौजूद नहीं होने से पर्यटकों को पहुंचने में परेशानी होती है. साथ ही, स्थानीय हैंडीक्राफ्ट्स, लोक कला, पारंपरिक व्यंजन और ग्रामीण उत्पादों को भी नया बाजार मिलेगा. यहां के लोग घर के पास रोजगार से जुड़ पायेंगे.

इन पर्यटन स्थलों से होगी शुरुआत

विभाग के मुताबिक, राजगीर, वाल्मीकिनगर, कैमूर, गया, मधुबनी, वैशाली, नालंदा, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, गोपालगंज ,भोजपुर, बक्सर सहित कई जिलों के ग्रामीण पर्यटन स्थलों तक पहुंचने में परेशानी नहीं होगी. विभाग का मानना है कि बेहतर परिवहन सुविधा मिलने से पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी. साथ ही पर्यटन स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं का विकास, सड़क संपर्क, सूचना केंद्र, स्वच्छता, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को भी बेहतर हो पाएगा.

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By Preeti dayal

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