बिहार में नये कारखाने खोलने पर नहीं लगेगा पंजीकरण शुल्क, सरकार ने दी उद्यमियों को एक और रियायत

50 से अधिक, लेकिन 100 से कम श्रमिकों वाले कारखाना संचालकों को 90 दिनों तक 10 हजार, 180 दिनों तक 25 हजार, जबकि छह महीने से अधिक होने पर दो लाख वसूले जायेंगे.

पटना. बिहार में अब कहीं भी नया कारखाना खोलने पर पंजीकरण शुल्क नहीं लगेगा. श्रम संसाधन विभाग की ओर से बनायी संहिता में यह प्रावधान किया गया है. शर्त यह है कि संचालक कारखाना खोलने के 60 दिनों के भीतर पंजीकरण करा लें.

इस अवधि में पंजीकरण नहीं कराया, तो फिर संचालकों को विलंब शुल्क देना होगा. अधिकारियों के अनुसार कोरोना काल में निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए विभाग ने यह निर्णय लिया है.

अगर कोई कारखाना लगायेंगे, तो उनसे पंजीकरण शुल्क नहीं लिया जाये, लेकिन संचालकों को सरकार को अपने कारखाने के बारे में पूरी जानकारी देनी होगी. इसके लिए संचालकों को दो महीने के भीतर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा. अगर 60 दिनों के भीतर किसी ने पंजीकरण नहीं कराया, तो ऐसे लोगों को विलंब शुल्क देना होगा.

विलंब के लिए अलग राशि तय

विलंब शुल्क के लिए विभाग ने अलग-अलग राशि तय की है. विलंब शुल्क का निर्धारण कर्मचारियों की संख्या और दिन के अनुसार तय किया गया है. अगर किसी कारखाने में 10 से कम कामगार होंगे, तो ऐसे संचालकों को पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं होगी.

उन्होंने कहा कि 10 या इससे अधिक ,लेकिन 49 श्रमिक से कम वाले फैक्टरी संचालकों ने अगर पंजीकरण नहीं कराया, तो 90 दिनों तक उनसे 10 हजार, 180 दिनों तक 25 हजार, जबकि छह महीने से अधिक समय होने पर एक लाख रुपये देने होंगे.

50 से अधिक, लेकिन 100 से कम श्रमिकों वाले कारखाना संचालकों को 90 दिनों तक 10 हजार, 180 दिनों तक 25 हजार, जबकि छह महीने से अधिक होने पर दो लाख वसूले जायेंगे.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >