आइआइएसइआर की परीक्षा में सत्यमेव अमन को देश में 333वां रैंक

बनमनखी

प्रतिनिधि, बनमनखी. बनमनखी नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत वार्ड पांच राजपूत टोला निवासी सत्यमेव अमन ने इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च की परीक्षा में देश में 333वां रैंक लाकर बनमनखी समेत पूरे जिले का नाम रौशन किया है.सत्यमेव अमन आगे चलकर साइंटिस्ट बनना चाहता है. उसके पिता सत्यम भारती हैदराबाद में पंजाब नेशनल बैंक के चीफ मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं तथा मां कंचन कुमारी गृहिणी हैं.सत्यमेव अमन ने अपनी सफलता का श्रेय अपने दादा सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक अनिल कुमार सिंह, चाचा शिक्षक शिवम भारती एवं अपने गुरुजन असित दास, चाचा एसओ मिनिस्ट्री ऑफ अफेयर्स दिल्ली सुंदरम भारती को दिया है. सत्यमेव अमन ने बिना कोचिंग के सहारे ही कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं पहले प्रयास में ही पास की.अमन ने अपनी प्रतिभा के बदौलत इसी साल नीट, आईआईटी, समेत अन्य कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं अच्छे रैंक से पास की. आईआईटी उत्तीर्ण करने के बाद आईआईटी मद्रास,आईआईटी गुवाहाटी आदि संस्थाओं के ऑफर लेटर के बाद भी साइंटिस्ट बनने की दृढ़ इच्छा शक्ति रखते हुए पहले प्रयास में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च की परीक्षा में पूरे देश में 333 वां रैंक हासिल कर भारत सरकार की सबसे टॉप रिसर्च संस्थान आईजर पुणे में दाखिला लिया है. सत्यमेव अमन ने बताया कि वह अपनी प्रारम्भिक शिक्षा पटना से की है. कोलकाता के नरेंद्रपुर स्थित रामकृष्ण मिशन से 94 प्रतिशत अंकों के साथ साइंस विषय से इंटरमीडिएट किया है.सत्यमेव अमन का कहना है कि अगर ईमानदारी के साथ सच्चे लगन से सेल्फ स्टडी की जाए तो किसी भी प्रतियोगी परीक्षा को क्रेक किया जा सकता है.

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