पूर्णिया से विकास वर्मा की रिपोर्ट
Purnia Crime: समाज में जहां माता-पिता को भगवान का दर्जा दिया जाता है, वहीं पूर्णिया से रिश्तों को कलंकित और तार-तार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है. कलयुग के इस दौर में पैसों की हवस ने अपनों को ही हैवान बना दिया है. मामला जिला मुख्यालय के सदर थाना क्षेत्र का है, जहां वृद्धा पेंशन की रकम न देने पर एक बेटे और बहू ने मिलकर अपने बूढ़े पिता पर लात, घूंसों और मुक्कों की ऐसी बरसात की कि बुजुर्ग अधमरे होकर बेहोश हो गए. आनन-फानन में स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से लहूलुहान बुजुर्ग को इलाज के लिए पूर्णिया राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (GMCH) के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है.
पेंशन की रकम पर डोल गई थी नीयत; पैसे देने से मना करने पर ढाहा कहर
- पीड़ित की पहचान: जीएमसीएच (GMCH) में जिंदगी की जंग लड़ रहे पीड़ित बुजुर्ग की पहचान सदर थाना क्षेत्र के खेरूगंज निवासी श्याम लाल उरांव के रूप में हुई है. श्याम लाल उरांव के तीन बेटे और एक बेटी हैं.
- पेंशन के पैसों पर विवाद: पीड़ित बुजुर्ग ने अस्पताल के बेड से रोते हुए बताया कि उन्हें सरकार की तरफ से सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत हर महीने वृद्धा पेंशन की राशि मिलती है. इसी रकम पर उनके मंझले बेटे महेश उरांव और बहू अनिता देवी की नीयत खराब हो गई थी. दोनों पिछले कई दिनों से वह पेंशन के पैसे जबरन छीनने का दबाव बना रहे थे.
- बेहोश होने तक पीटते रहे: बीती देर रात जब बुजुर्ग श्याम लाल उरांव ने अपनी दवाइयों और निजी जरूरतों का हवाला देते हुए पेंशन के पैसे कलयुगी बेटे-बहू को सौंपने से इनकार कर दिया, तो दोनों आपे से बाहर हो गए. दोनों ने बुजुर्ग को जमीन पर पटक दिया और तब तक लात-घूंसों से मारते रहे जब तक कि वे अचेत (बेहोश) नहीं हो गए.
बड़े भाई द्वारा घर बनाने को लेकर भी था मनमुटाव; थाने में दर्ज होगी FIR
पारिवारिक रंजिश का दूसरा पहलू: पीड़ित बुजुर्ग श्याम लाल उरांव ने बताया कि मारपीट के पीछे केवल पेंशन की रकम ही नहीं, बल्कि भाइयों का आपसी मनमुटाव भी एक बड़ी वजह है. उन्होंने बताया कि उनके बड़े बेटे ने किसी से ब्याज (कर्ज) पर पैसे लेकर अपना घर बनाने के लिए दरवाजे पर ईंट और बालू गिरवाया है. इसी बात से मंझला बेटा महेश उरांव चिढ़ा हुआ था. मारपीट के दौरान उसने पिता पर यह झूठा आरोप भी लगाया कि “तुम अपनी सारी संपत्ति और पैसे सिर्फ बड़े और छोटे बेटे को ही देते हो, मुझे कुछ नहीं देते.”
कानूनी कार्रवाई की तैयारी:
अस्पताल में प्राथमिक उपचार मिलने और होश में आने के बाद पीड़ित बुजुर्ग ने साफ लफ्जों में कहा है कि वे इस हैवानियत को बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वे सीधे सदर थाना जाएंगे और अपने कलयुगी बेटे महेश उरांव व बहू अनिता देवी के खिलाफ नामजद लिखित शिकायत देकर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे.
स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस घटना पर गहरा दुख और रोष व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन से मांग की है कि ऐसे कलयुगी बच्चों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जा सके और माता-पिता अपने ही घर में सुरक्षित महसूस कर सकें.
