वक़्फ़ बिल के ख़िलाफ़ वोटिंग में शामिल हुए सांसद पप्पू यादव, सरकार पर साधा निशाना

सरकार पर साधा निशाना

पूर्णिया. पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव ने वक़्फ़ बिल के ख़िलाफ़ संसद में वोटिंग कर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की. उन्होंने इस बिल को अन्याय करार देते हुए कहा कि यह जनता को गुमराह करने की साजिश है. उन्होंने बीजेपी और उसके सहयोगी दलों पर देश के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया और कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को पहले बुद्ध की परिकल्पना ”अप्पो दीपो भव” समझनी चाहिए. पप्पू यादव ने कहा कि इस बिल को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने संसद में इस बिल के विरोध में वोट डाली और इसके खिलाफ़ चार संशोधन प्रस्तुत करने की सूचना भी दी. हालांकि, जब उन्होंने सत्ता पक्ष से तीखे सवाल पूछे, तो उन्हें बीच में ही रोक दिया गया. उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा पर सवाल उठते हैं क्योंकि यह बिल अल्पसंख्यकों, गरीबों और पिछड़े वर्गों के हितों के खिलाफ़ है. सांसद ने कहा कि क्क्फ़ को समझने से पहले बौद्ध धर्म के अस्तित्व को समझना होगा. उन्होंने कहा कि इस्लाम के पहले इस दुनिया में बौद्ध धर्म आया था. बौद्ध धर्म तब आया, जब इस देश के 90 प्रतिशत गरीब, दलित, ईबीसी, मूलवासी और आदिवासियों पर अत्याचार हो रहा था. उनकी संस्कृति और उनके जीने के अधिकारों पर हमला हुआ था. तब बौद्ध धर्म ने ””वसुधैव कुटुंबकम्”” और ””सर्व धर्म समभाव”” का संदेश दिया. उन्होंने सवाल किया कि इस्लाम ने कब ज़मीन कब्ज़ा किया? गरीबों, आदिवासियों और मूलवासियों की ज़मीन, जमींदारों की कैसे हुई? राजा-महाराजाओं के पास ज़मीन कहां से आयी? यह ज़मीन अंग्रेजों की सरपरस्ती में बनी और बाद में जमींदारों को दी गयी. पहले यह ज़मीन गरीबों की थी. सांसद ने महिला आरक्षण को लेकर भी सवाल उठाए.

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Author: ARUN KUMAR

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