अतिक्रमण की भेंट चढ़ा रैन बसेरा, राहगीरों की सुविधा पर संकट
राहगीरों की सुविधा पर संकट
महिला यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी, प्रशासन उदासीन भवानीपुर. लाखों रुपये की सरकारी लागत से राहगीरों की सुविधा के लिए बनाये गये रैन बसेरा आज स्वयं बदहाली का शिकार है. अवैध अतिक्रमण के चलते यह रैन बसेरा अपने मूल उद्देश्य से भटक चुका है. इसका खामियाजा आम यात्रियों खासकर महिला यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है. रैन बसेरा पर अतिक्रमण के कारण बस या अन्य वाहनों का इंतजार करने वाले यात्रियों को खुले में खड़ा रहना पड़ता है. महिला यात्रियों को मजबूरन दुकानों के सामने या सड़क किनारे खड़ा होना पड़ता है, जहां एक ओर दुकानदारों की झिड़कियां सुननी पड़ती हैं, वहीं दूसरी ओर सड़क किनारे खड़े रहने में असहजता और शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है. स्थानीय लोगों द्वारा कई बार सामूहिक रूप से आवाज उठाए जाने के बावजूद अब तक अतिक्रमण हटाने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है. तीन प्रमुख रैन बसेरा अतिक्रमण की चपेट में पूर्णिया–टीकापट्टी स्टेट हाइवे पर भवानीपुर बस स्टैंड के समीप स्थित दो रैन बसेरा पर फल दुकानदारों ने कब्जा जमा रखा है. वहीं बलिया रोड स्थित बजरंगबली चौक के पास बने रैन बसेरा को अतिक्रमणकारियों ने चारों ओर से घेर लिया है. इन दोनों स्थानों पर बने रैन बसेरा यात्रियों के उपयोग में आने के बजाय दुकानदारों के लिए लाभ का माध्यम बनते जा रहे हैं. शाम ढलते ही नशेड़ियों का अड्डा अतिक्रमित रैन बसेरा देर संध्या असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का अड्डा बन जाते हैं. यहां प्रतिबंधित नशीली दवाइयों की खाली बोतलें और अन्य सामग्री खुलेआम पड़ी रहती हैं, जो इस बात की गवाही देती हैं. आए दिन नशेड़ियों द्वारा उत्पात मचाने की घटनाएं सामने आती हैं, जिससे राहगीरों में भय का माहौल बना रहता है. डीएम से की गई हस्तक्षेप की मांग क्षेत्रवासियों ने जिला पदाधिकारी से मांग की है कि अविलंब इन अतिक्रमित रैन बसेरों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, ताकि राहगीरों को विशेषकर महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक सुविधा मिल सके. लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा.
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