हरदा .हरदा बाजार में आए दिन लीची व्यापारियों के द्वारा लीची 200 सौ रुपये सैकड़ा बेचे जाने से कमजोर तबके व आमजनों के घर पहुंच से दूर हो गई है. कमजोर तबके सिर्फ दाम पूछ अपनी जेब देख निकल जाते हैं. वही छोटे छोटे व्यापारियों ने बातचीत में बताया कि लीची बागान में ही ज्यादा दामों में खरीद आता है. बस किराया ,मुनाफा,अपनी मजदूरी जोड़ने पर भी कम बचत होती है. किसी तरह बेचकर अपना साथ परिवार का भरण पोषण करना पड़ता है. वही आमजनों ने बताया कि लीची बेचकर सारा कचरा सड़क किनारे फेक देने से कचरा का अंबार लगा रहता है जिससे बारिश में सड़ने से कीचड़ के अलावा फिसलने का डर बना रहता है.
हरदा हाट में लीची 200 रुपये सैकड़ा पार, पत्तों की गंदगी से पटा बाजार
पत्तों की गंदगी से पटा बाजार
