पूर्णिया. राजकीय पॉलिटेक्निक पूर्णिया में महिलाओं एवं बच्चों के अधिकार, सुरक्षा और कानूनी जागरूकता के उद्देश्य से कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम अधिनियम यानी पॉश तथा बालकों का लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम यानी पॉक्सो पर जागरूकता संगोष्ठी आयोजित की गई. कार्यक्रम में विद्यार्थियों को कानून के प्रावधानों के साथ-साथ शिकायत और कानूनी सहायता की प्रक्रिया की जानकारी दी गयी.
पॉश और पॉक्सो के प्रावधानों की दी जानकारी
मुख्य वक्ता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पूर्णिया के सचिव सुनील कुमार ने महिलाओं एवं बच्चों के कानूनी अधिकारों पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने पॉश और पॉक्सो अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों, शिकायत की प्रक्रिया तथा जरूरत पड़ने पर कानूनी सहायता प्राप्त करने के तरीकों के बारे में विद्यार्थियों को बताया.
सुरक्षा को लेकर जागरूक रहने की अपील
जिला समन्वयक मोहम्मद सज्जाद ने विद्यार्थियों को महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के प्रति सजग रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या अनुचित व्यवहार की स्थिति में चुप रहने के बजाय उचित माध्यम से शिकायत करनी चाहिए. उन्होंने जागरूकता को सुरक्षित वातावरण के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया.
महिलाओं की सुरक्षा के लिए कानूनी जानकारी जरूरी
शी-बॉक्स नोडल डॉ. श्वेता कुमारी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए कानूनी जानकारी के साथ जागरूकता भी जरूरी है. उन्होंने कहा कि सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण तैयार करने में संस्थान से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है.
सुरक्षित और समान वातावरण संस्थान की प्राथमिकता
प्राचार्य डॉ. मूनिम लतीफी ने कहा कि राजकीय पॉलिटेक्निक पूर्णिया में सभी विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और समान अवसर वाला वातावरण उपलब्ध कराना संस्थान की प्राथमिकता है. उन्होंने विद्यार्थियों से अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी अनुचित घटना की स्थिति में उचित स्तर पर जानकारी देने का आह्वान किया.
शिक्षक और विद्यार्थी रहे मौजूद
कार्यक्रम का संचालन प्रो. आनंद कुमार ने किया. इस अवसर पर प्रो. अब्दुर रजीक, प्रो. अमन कुमार राजन सहित संस्थान के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे. संगोष्ठी के माध्यम से विद्यार्थियों को सुरक्षा, समानता, सम्मान और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया.
