मौसम: सुहावना रहेगा सावन का अंतिम सप्ताह, दो दिनों तक भारी बारिश के आसार

इस साल सावन का अंतिम सप्ताह सुहावना रहने वाला है. बनते बिगड़ते मौसमी सिस्टम के बीच अभी बारिश का दौर जारी रहेगा.

आगामी 8-9 अगस्त को तेज हवा के साथ मूसलाधार बारिश की है संभावना

पूर्णिया. इस साल सावन का अंतिम सप्ताह सुहावना रहने वाला है. बनते बिगड़ते मौसमी सिस्टम के बीच अभी बारिश का दौर जारी रहेगा. मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक भारी बारिश की संभावना जतायी है और ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है. पूर्णिया के मौसम पूर्वानुमान इंडेक्स में भी 8-9 अगस्त को तेज हवा के साथ मूसलाधार बारिश की संभावना बतायी गई है. इसमें मौसम खराब रहने के साथ आकाशीय बिजली गिरने के भी आसार बताए गये हैं. लिहाजा, इस सप्ताह मौसम के सुहावना बने रहने से गर्मी और उमस से राहत रहेगी. यह अलग बात है कि खराब मौसम के दौरान खुले आसमान के नीचे रहने से बचने की जरूरत है.

गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से लगातार बारिश के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त होकर रह गया है. खास कर बीते रविवार को हुई अत्यधिक बारिश ने परेशानी बढ़ा दी है. वैसे, सोमवार को दिन में कही-कहीं हल्की बारिश जरूर हुई पर रात भर बारिश से राहत रही. मंगलवार की सुबह भी बारिश ने अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है. विभागीय आंकड़ों की मानें तो पिछले 24 घंटे में महज सात मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी है. इस दौरान पूर्णिया में मौसम का अधिकतम तापमान 30.6 एवं न्यूनतम तापमान 25.9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है. पूर्णिया के मौसम इंडेक्स की मानें तो दो दिनों के लिए चमक-गरज के साथ बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है. मौसम इंडेक्स में अगले तीन दिनों तक यानी सात अगस्त तक हल्की से मध्यम स्तर की बारिश के संकेत दिए गय हैं और तेज हवाई बारिश और आंधी की संभावना बतायी गई है. इसी के साथ आठ और नौ अगस्त को तेज हवा के साथ भारी बारिश और वज्रपात का पूर्वानुमान बताया गया है.

धान के लिए वरदान, तो सब्जी को होगा नुकसान

खेती किसानी पर रविवार को हुई भारी बारिश का मिला-जुला असर रहा है. धान के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं पर किसान कहने लगे हैं, बस, फिलहाल बारिश थमी रही क्योंकि खेतों को पर्याप्त पानी मिल गया है. जिन खेतों में रोपनी हुई है वहां पानी भी जमा हो गया है. किसान कहते हैं कि अभी यदि और अधिक बारिश हुई तो खेतों में रोपी गयी धान की फसलों में सड़न का खतरा बन जाएगा. अधिक पानी के कारण पौधे पीले पड़ने लगते हैं, जिससे पैदावार प्रभावित होता है. किसान कहते हैं कि अधिक पानी लगने से धान की फसलों में कई तरह के रोगों का खतरा भी बढ़ जाता है. दूसरी ओर लगातार बारिश के कारण सब्जी के खेतों में पानी जमा हो गया है, जिससे सब्जियों की फसलों पर सड़ने का खतरा मंडरा रहा है.

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